रामपुर मथुरा। किसानों को गेहूं की बोआई के लिए खेत खाली करना है, लेकिन सहकारी चीनी मिल में अब तक पेराई शुरू न होने से गन्ना खेतों में खड़ा है। ऐसे में गेहूं की बोआई पिछड़ने के भय से किसान अपना गन्ना कम दाम पर बिचौलियों को बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इसके चलते उन्हें 300 से 350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना बेचने पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं, सहकारी चीनी मिल प्रबंधन 14 नवंबर के बाद अब 18 नवंबर से पेराई शुरू करने की बात कही है। जिले में चार निजी व एक सहकारी चीनी मिल है।
हरगांव, बिसवां रामगढ़ व जवाहरपुर में नवंबर के पहले सप्ताह में पेराई शुरू हो गई है। सहकारी चीनी मिल महमूदाबाद में अब तक पेराई शुरू नहीं हुई है। सहकारी चीनी मिल में करीब 14 हजार गन्ना किसान पंजीकृत हैं। यह किसान मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। मिल के जिम्मेदारों ने भरोसा दिलाया कि 18 नवंबर से पेराई सत्र शुरू होने के बाद किसानों की परेशानी खत्म हो जाएगी। किसानों का कहना है कि खेत गेहूं की बोआई के लिए खाली करना है।
सहालग शुरू होने से खर्च भी बढ़ गया है। ऐसे में गन्ना बिचौलियों अथवा गुड़-बेल पर बेचने को विवश होना पड़ रहा है। मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि किसान सहकारी चीनी मिल में 18 नवंबर से पेराई सत्र शुरू कर दिया जाएगा। मिल परिक्षेत्र में 22 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। मिल चलने के तीन दिन पहले इंडेंट जारी किया जाएगा।