झरेखापुर। अधूरी तैयारियों के बीच धान क्रय केंद्रों का संचालन शुरू कराए जाने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। नेवादा क्रय केंद्र पर किसान चार दिन से धान की तौल कराने का इंतजार कर रहे हैं। धान बचाने के लिए रात में ट्रॉली पर मच्छरदानी लगाकर सोने को किसान मजबूर हैं। तौल न होने से वाहन फंसा है लिहाजा गन्ने की आपूर्ति भी नहीं कर पा रहे हैं। कई किसान औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश हैं।
हरगांव ब्लॉक में उत्तर प्रदेश सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से संचालित बी-पैक्स नेवादा स्थित राजकीय धान क्रय केंद्र पर कमरसेपुर व जलालीपुर समिति क्षेत्र भी संबद्ध है। यहां क्रय केंद्र पिछले एक सप्ताह से धान की तौल बंद है। इससे किसानों की धान से भरी ट्रॉलियां केंद्र पर खड़ी हैं। तौल न होने के कारण किसान रात में भी क्रय केंद्र पर रुकने को मजबूर हैं। रात काटने के लिए किसान ट्रॉली पर मच्छरदानी लगाकर सोते हैं। कई किसान अपना धान कम दामों पर गल्ला मंडी में बेचने को विवश हैं।
किसान नेता सतनाम सिंह ने बताया कि उनकी धान से भरी ट्रॉली चार दिन से क्रय केंद्र पर खड़ी है। तौल न किए जाने का कोई कारण नहीं बताया जा रहा। चर्चा है कि बारदाने (बोरोंं) की कमी के कारण केंद्र पर तौल बंद है। शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। किसान बूटा सिंह ने कहा कि धान की तौल न होने से वाहन खाली नहीं हो पा रहा है। इससे गन्ने की पर्चियां आने के बाद भी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। किसान जीवन सिंह ने बताया कि तौल बंद होने से खुले बाजार में सस्ते दाम पर धान बेचना पड़ रहा है।
मायूसी भरे लहजे में बताया कि यदि जल्द तौल शुरू नहीं होती है तो अपने धान में आग लगाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। भाजपा मंडल अध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह, रोहित मिश्र, गन्ना समिति संचालक रामसेवक सिंह, बूटा सिंह, लालजी, रवी, जीवन सिंह और बलवीर सिंह आदि ने धान की तौल शुरू कराने की मांग की है।
तौल शीघ्र शुरू होगी
नेवादा केंद्र प्रभारी के बीमार होने और खराब मौसम के कारण धान का उठान नहीं हो पा रहा है। इसलिए तौल बाधित है। शीघ्र ही तौल शुरू कराई जाएगी।
श्याम प्रकाश द्विवेदी, जिला प्रबंधक सहकारी संघ लिमिटेड