मध्य प्रदेश में किसानों पर हुई फायरिंग की सीबीआई जांच कराने सहित अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को योग दिवस पर नवीन चौक के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लेटकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आधा घंटे तक चलता रहा। इस दौरान यातायात बाधित न हो, इसके लिए प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया था।
प्रदर्शन में शामिल भाकियू के सचिव उमेश पांडेय ने बताया कि देश में इस समय किसान कर्ज से डूबा हुआ है। उसको अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो रहा है। प्रशासन इनकी मदद करने की बजाए उन पर गोली चला रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की मध्यप्रदेश में किसानों पर फायरिंग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए। गोलीकांड की सीबीआई जांच हो। साथ ही फसलों व सब्जियों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर खरीद सुनिश्चित की जाए।
आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाए। उमेश ने कहा कि कृषि पैदावार लागत लगातार बढ़ रही है जबकि उपज का मूल्य साल दर साल और क्षेत्र दर क्षेत्र घटता-बढ़ता रहता है।
सरकार को इससे राहत देने के लिए दाम स्थिरता कोष का गठन करना चाहिए। देशभर के सभी किसानों का कर्ज साहूकार व बैंक से पूर्णतया माफ किया जाए। कृषि क्षेत्र को संकट से निकलने के लिए किसानों को दीर्घकालिक व ब्याज रहित कर्ज दिया जाए।
जैव परिवर्तित फसलों पर रोक लगाई जाए। कृषि आयात पर प्रतिबंध लगाया जाए व सभी कृषि आयात वार्ता रोकी जाए। स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू की जाए। कानपुर व कुशीनगर के किसानों को जेल से रिहा किया जाय। इस मौके पर हाईवे पर कई किसानों ने लेटकर प्रदर्शन किया।