सीतापुर। जिले में बुधवार शाम को आंधी और बिजली के साथ बारिश हुई। इससे जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली तो वहीं दूसरी ओर बिजली गिरने से एक किसान की जान चली गई। यही नहीं, बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव भी देखने को मिला।
कोतवाली देहात क्षेत्र के पकरिया धापूपुर निवासी रामनरायन शर्मा (50) बुधवार को खेतों मे धान रोपाई करवा रहे थे। बुधवार शाम करीब चार बजे बारिश के दौरान अचानक तेज गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरी। बिजली की चपेट में आकर रामनारायण बुरी तरह से झुलस गए। आसपास खेतों में काम कर रहे लोग कुछ समझ पाते तब तक उनकी मौत हो गई। इस घटना से मृतक के घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार को मौसम के बदले मिजाज ने लोगों को गर्मी और उमस से कुछ राहत तो दी, लेकिन थोड़ी देर की बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। शहर समेत कई इलाकों में हुई बारिश के बाद जगह-जगह जलभराव हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर समेत कई स्थानों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
सुबह से ही धूप और बादलों की आंख-मिचौली चलती रही। कभी तेज धूप निकली तो कभी बादलों ने सूरज को ढक लिया। दोपहर बाद आसमान में काले बादल छाने लगे और कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई। शाम करीब चार बजे के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ देर तेज बारिश हुई। बारिश थमने के बाद भी बादल छाए रहे और पुरवा हवा चलने से मौसम सुहाना हो गया।
बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान दो डिग्री घटकर 32 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
जलभराव से राहगीरों को हुई परेशानी
कुछ देर की बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में पानी भर गया। कलेक्ट्रेट परिसर समेत प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर पानी निकासी की व्यवस्था धीमी होने से बारिश रुकने के काफी देर बाद तक जलभराव बना रहा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी की बेहतर व्यवस्था की जरूरत है, ताकि बारिश के समय लोगों को परेशानी न उठानी पड़े।
अगले 24 घंटे बारिश के आसार
मौसम विशेषज्ञों ने अगले 24 घंटों में जिले में रुक-रुककर बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, बादल छाए रहने और पुरवा हवा चलने से तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, लेकिन उमस का असर बना रह सकता है।
बारिश के दाैरान राहगीर