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फर्जी फर्म बना नौ लाख का कर लिया गबन

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खैराबाद (सीतापुर)। नगर में एलईडी लाइट आपूर्ति में नौ लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। कार्यदायी संस्था के नाम से फर्जी फर्म बनाकर भुगतान कर दिया गया। फर्म संचालक ने रकम हड़कने का आरोप लगाते हुए अधिशासी अधिकारी (ईओ) व अकाउंटेंट के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज बनाकर जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया है।
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नगर पालिका प्रशासन की ओर से अप्रैल 2018 में 50 वाट की 100 एलईडी (पाइप व क्लैम्प सहित) लगवाने के लिए ई-ट्रेडिंग निविदा आमंत्रित की गई थी। सबसे कम रेट होने से पालिका प्रशासन ने लखीमपुर की फर्म रेहाना इंटरप्राइजेज की निविदा स्वीकार करते हुए एलईडी लाइट की आपूर्ति कर भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत करने को पत्र लिखा।
रेहाना इंटरप्राइजेज ने एलईडी लाइट की आपूर्ति करते हुए भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत कर दिया। फर्म संचालक रेहाना बानो के मुताबिक अगस्त 2018 में उनकी फर्म के बैंक खाते से टीडीएस कटने पर उन्हें भुगतान की जानकारी हुई। छानबीन करने पर पता चला कि 2 अगस्त 2018 को उनकी फर्म के नाम चेक संख्या 139921 के जरिये 8 लाख 91 हजार 780 रुपये का भुगतान हो चुका है।
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जबकि यह भुगतान उन्हें मिला ही नहीं। रेहाना के मुताबिक इसकी शिकायत पालिका प्रशासन से करने पर उन्हें गोलमोल जवाब देकर टरकाया जाता रहा। करीब एक साल तक पालिका के चक्कर काटने के बाद 10 फरवरी 2019 को खैराबाद पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई।
पुलिस से भी जब उन्हें राहत नहीं मिली तो बीती 8 जुलाई को आईजीआरएस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें ईओ व अकाउंटेंट पर फर्जी फर्म बनाकर रकम हड़पने का आरोप लगाया। इसके बाद खैराबाद पुलिस ने बीते 25 अगस्त को ईओ खैराबाद हृदयानंद उपाध्याय व अकाउंटेंट श्रीपाल के विरुद्ध फर्जी दस्तावेज बनाकर जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया। थाना प्रभारी अजय यादव ने बताया मामले की जांच की जा रही है।
सवाल खड़े कर रही पालिका प्रशासन की चुप्पी
सरकारी रकम के गबन मामले में पालिका प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है। दरअसल, फर्जी तरीके से भुगतान की जानकारी होने के बाद भी ईओ हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।
किस व्यक्ति को किस आधार पर इतनी बड़ी रकम का चेक थमा दिया गया और भुगतान किस खाते में गया, यह पता करने की कोशिश तक नहीं की गई। यहां तक कि फर्जीवाड़े को लेकर केस भी ईओ ने दर्ज कराना मुनासिब नहीं समझा।
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