परीक्षक के न आने से आठ माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थी प्रैक्टिकल देने से रह गए। परीक्षा की अंतिम तिथि भी निकल चुकी है। शासन की ओर से नियुक्त परीक्षकों के आने से विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं नहीं हो सकी। ऐसे में अब विद्यार्थी व कॉलेज दोनाें परेशान हैं।
छूटे विषयों में जीव विज्ञान, कंप्यूटर, कृषि, गृह विज्ञान व पशुपालन विषय शामिल हैं। माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के बोर्ड एग्जॉम कराए जाते हैं। इंटरमीडिएट के प्रयोगात्मक विषयों में निर्धारित पूर्णांक में से 50 प्रतिशत अंक आंतरिक परीक्षक द्वारा दिए जाएंगे।
जबकि 50 प्रतिशत अंक बाह्य परीक्षक द्वारा दिए जाएंगे। इसको लेकर शासन ने 5 से 19 जनवरी के मध्य प्रयोगात्मक परीक्षाएं कराए जाने के निर्देश दिए थे। परीक्षकों की नियुक्ति शासन स्तर से की गई थी।
बोर्ड एग्जॉम से एक माह पहले प्रयोगात्मक परीक्षा सकुशल संपन्न कराए जाने की हिदायत दी गई थी, लेकिन परीक्षकों ने शासन की मंशा पर पानी फेर दिया। निर्देश के बावजूद जिले के आठ कॉलेज में परीक्षक पहुंचे ही नहीं। ऐसे में इन कॉलेजों के विद्यार्थी परीक्षकों का इंतजार करते रहे।
इनमे गांधी इंटर कॉलेज में कंप्यूटर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कमलापुर में जीवविज्ञान, राजकीय इंटर कॉलेज, नीलगांव में कंप्यूटर व जीव विज्ञान, डीजे कॉलेज, खैराबाद में कृषि विज्ञान प्रथम वनस्पति, मां शांती देवी ज्ञानस्थली इंटर कॉलेज भवानीपुर में गृहविज्ञान, आनंदी सहगल इंटर कॉलेज खैराबाद में पशुपालन, उमाशंकर इंटर कॉलेज मुडेरी में पशुपालन व श्रीचंद्र भगवान इंटर कॉलेज मिश्रिख में कृषि भौतिकी व जीवविज्ञान के प्रयोगात्मक विषय शामिल हैं।
ऐसी स्थिति में जब बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने में कुछ ही दिन बाकी है। तब विद्यार्थियों व कॉलेज ने डीआईओएस से गुहार लगाई है। विभाग ने शासन को अवगत करा दिया है।