सकरन। ब्लॉक क्षेत्र में किवानी नदी पर पीपा पुल बनने का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि यही हाल रहा तो इस साल भी बारिश के चार महीने तक दस गांवों के विद्यार्थी स्कूल नहीं जा पाएंगे। सर्वे हुए चार माह बीत चुके हैं लेकिन पुल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीण निराश हैं।
ग्राम पंचायत कंभरिया कटेसर के पास किवानी नदी पर पुल न होने के कारण कुचलइया, रेनधोरा, बेलवा, पश्चिमपुरवा, बसहिया संग करीब दस गांवों के लोग सांडा ब्लॉक, पुलिस चौकी, सीएचसी, राजकीय इंटर कॉलेज सांडा, बालिका इंटर कॉलेज शाहपुर आदि जगहों पर जाने के लिए करीब 15 किमी से अधिक दूरी तय करते हैं।
ग्रामीण जाकिर अली, राकेश राजपूत, रामलोटन, जयराम आदि ने बताया कि दस साल पहले चंदा इकट्ठा कर नदी पर लकड़ी व बांस का पुल बनाया था। इस पर बाइक व साइकिल से ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान-जोखिम में डाल कर किसी तरह सफर करते हैं। बताया कि जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने किवानी नदी पर पीपा का पुल बनाने के लिए 16 जनवरी को शासन को पत्र लिखा था।
जिलाधिकारी के पत्र पर 2 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के जेई विमल कुशवाहा, सहायक अभियंता असीम यादव व राज्य सेतु निगम के कार्मिकों ने पुल का सर्वे कर रिपोर्ट विभाग को भेज दी थी। ग्रामीणों को पुल बनने की आस जगी थी। इस सर्वे को हुए चार माह बीत चुके हैं। अनुपम जायसवाल ने बताया कि सर्वे के बाद से कोई भी विभागीय अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया है। लगता है कि पुल बनने का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया है।