रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ने के साथ बेकाबू लहरों ने कटान तेज कर दी है। पिछले 24 घंटों के दरम्यान सात आशियाने कटकर सरयू में समा गए हैं। पांच मकान लहरों के निशाने पर हैं। घबराए लोग गृहस्थी समेटकर परिवार समेत सुरक्षित ठिकाने की ओर जा रहे हैं। उधर, गिरिजापुरी के तीनों बैराजों से बुधवार को 3.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी जिले में पहुंचने पर सरयू व शारदा नदियाें का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर बुधवार को सरयू नदी का जलस्तर 118.30 मीटर दर्ज किया गया। लेखपाल रवींद्र कुमार के अनुसार पिछले 24 घंटों में पानी 10 सेंटीमीटर बढ़ा है। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी महज 70 सेंटीमीटर नीचे है।
सरयू के जलस्तर में लगातार तीन दिन हो रहे इजाफे को लेकर तटवर्ती गांवों के लोग हलकान हैं। इन्हें एक बार फिर बाढ़ का डर सताने लगा है। वहीं, मंगलवार की रात से कटान भी तेज हो गई है।
शुकुलपुरवा के प्रधान श्रीराम ने बताया कि सुन्दरपुरवा व लोधनपुरवा का सरसू की बेकाबू लहरें अस्तित्व मिटाने पर आमादा हैं। लोधनपुरवा में मौजीलाल, श्रीपाल, जगन्नाथ, मुटरू, रामू, लीलावती व अमरीका के घर कटकर सरयू में समा गए है। इसके अलावा सियाराम, कुन्नु , परिक्रमा, बदलू व कुमार के घर लहरों के निशाने पर आ गए हैं। इनके मकानों से नदी की धारा महज पांच से सात मीटर दूर हिलोरें मार रही है। इन लोगों ने गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शुरू कर दिया है।
चौका में उफान से 35 गांवों के आसपास भरा बाढ़ का पानी
बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी और बारिश के कारण चौका नदी उफान पर है। पानी नदी से बाहर निकलकर खेतों में भर रहा है। सैकड़ों बीघा फसलें बाढ़ में डूब गई हैं। करीब 35 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। गौरा, चंदेला, मसूदपुर, बांसुरा, दुलम पुरवा, सिरकुंडा, जरावन व मरौचा आदि गांव बाढ़ के पानी घिरकर टापू बन गए हैं। यहां के ग्रामीणों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। पानी अगर इसी तरह बढ़ता रहा तो घरों के अंदर तक भर सकता है। इससे ग्रामीण परेशान हैं।
पीड़ितों को जल्द दिलाया जाएगा मुआवजा
शुकुलपुरवा ग्राम पंचायत में कटान हो रहा है। जो घर नदी में कट गए हैं उनकी सूची क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा बनवाई जा रही है। फसल नुकसान का भी सर्वे करवाया जा रहा है। नुकसान के आंकलन की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। जल्द पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
- अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद