शुक्लपुरवा में कटान का निरीक्षण करते महमूदाबाद तहसीलदार। संवाद
सीतापुर। बैराजों से रविवार को 1.21 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शनिवार की तुलना में करीब 24 हजार क्यूसेक पानी ज्यादा डिस्चार्ज किए जाने से गांजर वासियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। सरयू व शारदा नदी के जलस्तर में लगातार इजाफे से बाढ़ व कटान का डर भी बढ़ता जा रहा है। रामपुर मथुरा क्षेत्र में सुंदरपुरवा के करीब सरयू धीमी गति से कटान करने लगी है। इससे ग्रामीण गृहस्थी का सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में जुट गए हैं। प्रशासन भी मुस्तैदी से संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहा है।
पहाड़ों पर बारिश और बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण सरयू व शारदा नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। शारदा नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान से 0.84 मीटर नीचे दर्ज किया गया। शनिवार को पानी खतरे के निशान से 0.94 मीटर नीचे था।
24 घंटों में 0.10 मीटर पानी बढ़ा है। इसी तरह सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.73 मीटर नीचे है। हालांकि अभी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। फिर भी संभावित खतरे को लेकर तटवर्ती गांवों के लोग भयभीत हैं। गांजर वासी लगातार लहरों का रुख भांपते नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही गृहस्थी समेटकर सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचा रहे हैं।
रामपुर मथुरा क्षेत्र के सुंदरपुरवा निवासी छह परिवार रविवार को अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे थे। धनीराम ने बताया कि सरयू का किनारा उनके घरों से करीब 60 मीटर दूर है। पानी लगातार बढ़ रहा है। धीमी गति से कटान भी होने लगा है। अचानक बाढ़ आने पर गृहस्थी डूबने अथवा कटान की गति बढ़ने पर घर कटने से ज्यादा नुकसान होता है।
ब्रजलाल ने बताया कि बाढ़ व कटान हर साल तबाही मचाती है। ऐसे में कोई खतरा मोल नहीं लेना चाहते हैं। गृहस्थी व परिवार सुरक्षित करने में ही भलाई है।
तहसीलदार ने ग्रामीणों को हर संभव मदद का दिया आश्वासन
रामपुर मथुरा। महमूदाबाद तहसीलदार उमाशंकर त्रिपाठी ने रविवार को शुकुलपुरवा के कटान पॉइंट व विगत वर्ष के कटान पीड़ितों को बसाए गए स्थल पर सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर पेयजल व सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तहसीलदार ने बताया कि गांव में तीन सरकारी हैंडपंपों का उच्चीकरण कराया गया है ताकि बाढ़ की स्थिति में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलता रहे। तटबंध के आसपास बसाए गए लोगों तक आसानी से पहुंचने के लिए रैंप बनवाया जा चुका है। प्रधान से इस पर खड़ंजा लगवाने को कहा गया है। इसके अलावा पिछली बाढ़ व तेज बहाव से क्षतिग्रस्त बंधे से प्यारेपुरवा व बाबाकुटी में बनी ठोकर के बगल से बने कच्चे मार्ग की मरम्मत कराकर उसे आवागमन के योग्य बनाया गया है। उन्होंने बताया कि शुकुलपुरवा की रहने वाली बच्ची देवी को आवासीय जमीन देने की व्यवस्था की जा रही है। (संवाद)