हरगांव में बिजली सही करते कर्मचारी।
सीतापुर। आंधी और बारिश के बाद जिले की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पा रही है। जिले के 1248 गांवों में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिजली विभाग की टीमें क्षतिग्रस्त लाइनों, टूटे खंभों और अन्य तकनीकी खामियों को दूर करने में जुटी हैं, लेकिन कई इलाकों में आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। बिजली न आने से लोगों के सामने पेयजल का संकट खड़ा हो गया है। जिले के रेउसा, रामपुर मथुरा, तालगांव, तंबौर, सिधौली, महोली और मिश्रिख क्षेत्र के गांव बिजली संकट से प्रभावित हैं। आंधी और बारिश के कारण बिजली लाइनों में फाॅल्ट आने व आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से ग्रामीणों को लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर बिजली न मिलने से घरों में लगे पानी के मोटर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं। ऐसे में लोगों को दैनिक जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था करने में परेशानी हो रही है।
मोबाइल चार्जिंग और जरूरी काम प्रभावित
लगातार बिजली गुल रहने से मोबाइल फोन चार्ज नहीं हो पा रहे हैं। फोन डिस्चार्ज होने के कारण लोगों का एक-दूसरे से संपर्क टूट रहा है। वहीं, शाम होते ही गांवों में अंधेरा छा जाने से बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली पर निर्भर छोटे कारोबार और घरेलू कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं। देशराज, अजय, विनय व गोलू ने बताया कि घर के सभी फोन डिस्चार्ज पड़े हैं। एक मोबाइल को बाजार से चलकर चार्ज करके लाए थे। वह कुछ ही देर में डिस्चार्ज हो गया। अगर रात में कोई इमरजेंसी पड़ जाए तो फोन भी नहीं कर सकते है। महेश ने बताया कि मोटर पंप बंद होने से निजी हैंडपंप का सहारा लेना पड़ रहा है। आशीष ने बताया कि ई रिक्शा चार्ज न होने से व्यापारी प्रभावित है। रोजाना कमाई हो जाती थी। इससे परिवार चलता था। अब यह भी बंद हो गया है।
बरसात में जलीय जीव-जंतुओं का खतरा
बारिश के बाद खेतों, खाली प्लॉटों और जलभराव वाले स्थानों पर सांप समेत अन्य जीव-जंतुओं का खतरा बना हुआ है। अंधेरे के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने और रास्तों पर चलने में भी सतर्कता बरतनी पड़ रही है। ग्रामीण रामखेलावन, उदय व मोहित ने बताया कि बिजली न होने से रात के समय खतरा और बढ़ जाता है। हर तरफ अंधेरा फैला होने से डर भी लगता है।