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Sitapur News: अन्नीपुर में आज तक नहीं पहुंची बिजली, शादियां भी अटकीं

Sun, 30 Nov 2025 12:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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अन्नीपुर गांव में बना मंदिर।
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सरैंया। आजादी करीब आठ दशकों बाद भी जिले में एक गांव ऐसा है जहां आज तक बिजली नहीं पहुंची। यहां 12 साल पहले खंभे तो गिराए गए लेकिन न तो वे लग पाए और न ही तार लगे। ऐसे में बिजली का ग्रामीणों का सपना कभी पूरा नहीं हुआ। हालत ये है कि कोई भी अपनी बेटी इस गांव में नहीं ब्याहना चाहता। इससे भी कई परिवार मायूस हैं।
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महमूदाबाद तहसील मुख्यालय से महज 14 किलोमीटर दूर बसा अन्नीपुर गांव आज भी बिजली को तरस रहा है। ये समस्या इतनी विकट है कि यहां के लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है। कोई भी अच्छा रिश्ता गांव के लड़कों के लिए नहीं आता है। चुनाव में इस गांव में बिजली का हर बार मुद्दा बनता है पर कभी इसे अमली जामा नहीं पहनाया गया। ग्रामीणों में इस बात काे लेकर काफी रोष है।
अन्नीपुर निवासी कुसुमलता ने बताया कि गांव में बिजली नहीं थी। इस वजह से लड़के की शादी में अड़चन आती रही। बहुत मुश्किल से लखनऊ के एक परिवार से बेटे का रिश्ता तय हुआ। शादी के समय लिया गया कूलर, फ्रिज, टीवी, पंखा सब शोपीस बनकर रह गया है। शादी के बाद बहू बेटे के साथ लखनऊ में रहने लगी। इसी तरह गांव के कई लड़के शादी के बाद लखनऊ जाकर रह रहे हैं।
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एक अन्य ग्रामीण मोहम्मद कासिम ने बताया कि 12 साल पहले बिजली के खंभे गांव में जगह-जगह गिराए गये थे। इतने साल गुजर गए लेकिन यह खंभे सीधे खड़े नहीं किए जा सके। जब गांव में चुनाव आता है तो बिजली का आश्वासन मिलता है लेकिन बाद में कोई नहीं पूछता। यहां लड़कों की शादियां नहीं हो पा रही हैं। जिनकी शादी हो चुकी है, उनको शादी में मिले उपहार जंक खा रहे हैं।
मोमबत्ती में पढ़ने को मजबूर बोर्ड परीक्षार्थी
इस गांव की समस्या बहुत विकट है। यहां आज तक किसी ने भी गांव की रोड और बिजली के बारे में नहीं सोंचा। शाम होते ही ढिबरी या मोमबत्ती की रोशनी ही कामकाज में सहारा बनती है। बोर्ड परीक्षा व परिषदीय स्कूल की परीक्षाएं आने वाली हैं। बच्चे मोमबत्ती में पढ़ने पर मजबूर हैं।
- जयंतीलाल वर्मा, ग्रामीण

गांव के प्राथमिक स्कूल में शासन के बजट से बल्ब और पंखे तो लग गए लेकिन कभी उन बल्बों को किसी ने रोशन होते नहीं देखा।गांव में कोई भी बिजली उपकरण नहीं चला पाते हैं। कोई इस ओर ध्यान नहीं देता है।
- अफसरजहां, ग्रामीण

बच्चे रात में पढ़ते हैं तो लाइट की सुविधा न होने के कारण ढिबरी के सहारे पढ़ते हैं। अंधेरे में रात में निकलने में महिलाओं व बच्चों को काफी दिक्कत होती है। 78 साल से यह समस्या बरकरार है। लड़कों की शादी भी मना हो जाती है।
- दीपक वर्मा, ग्रामीण

गांव में रोशनी की दिक्कत होती है। गर्मियों में तो बहुत दिक्कत हो जाती है। कोई इस गांव में रिश्ता जोड़ना नहीं चाहता है। बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। सरकार ने केरोसिन भी बंद कर दिया है, वैकल्पिक तरीके से उजाला करना पड़ता है जिससे बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत होती है। यहां की सड़कें भी खराब हैं।
- नीलम, ग्रामीण

जिम्मेदार बोले- सर्वे करवा रहे, जल्द पहुंचेगी बिजली
अन्नीपुर गांव के विद्युतीकरण की योजना का प्रस्ताव है। गांव का सर्वे करवाया जा रहा है। इसके बाद विस्तृत प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके तहत कागजी प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है। एक बार सारी प्रक्रिया पूरी हो जाए तो विद्युतीकरण करा दिया जाएगा।
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- एस के वर्मा, अधिशासी अभियंता, महमूदाबाद विद्युत वितरण खंड
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