राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से बढ़ाई गई बिजली की दरें रविवार से लागू हो गई हैं। इसमें घरेलू उपभोक्ताओं की दरों में करीब 15 फीसदी तक का इजाफा हुआ है।
जबकि फिक्स चार्ज में 15 रुपये प्रति किलोवाट की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा रेगुलेटरी सरचार्ज भी 1.9 फीसदी बढ़ा दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को अब 180 रुपये प्रति किलोवॉट की दर से बिल देना होगा।
बढ़ोतरी की सबसे ज्यादा मार मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ेगी। 200 से अधिक यूनिट खर्च करने वालों की जेब ज्यादा ढीली होगी।
नियामक आयोग द्वारा 18 जून को चालू वित्तीय वर्ष के लिए नई दरों का ऐलान किया गया था। जो रविवार से प्रभावी हो गईं हैं। साल भर में ही दो बार बिजली की दरें बढ़ने से उपभोक्ता हलाकान हैं।
शहरी उपभोक्ताओं के साथ इस बार ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी बढ़ी दरों की मार झेलनी पड़ रही है। ज्यादातर उपभोक्ता 200 से 600 यूनिट के बीच प्रति माह बिजली की खपत करते हैं। बिजली की बढ़ी दरें ऐसे उपभोक्ताओं का घरेलू बजट को तगड़ा झटका देंगी। इसको लेकर उपभोक्ताओं में गुस्सा है।