सीतापुर। सीतापुर जिले में आंधी और बारिश के कारण बिजली आपूर्ति व्यवस्था दूसरे दिन मंगलवार को भी पटरी पर नहीं लौट सकी। करीब 1000 गांवों में बिजली ठप है, जिससे लगभग पांच लाख की आबादी प्रभावित है। गर्मी में लोग परेशान हैं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद पड़े हैं, और घरों में पानी का संकट व कारोबार भी प्रभावित है।
सोमवार सुबह आई आंधी से शहर सहित गांवों की बिजली ठप हो गई थी, हालांकि शहर में आपूर्ति बहाल कर दी गई है। पिसावां इलाके के करीब 200 गांवों में दो दिन से बिजली नहीं है, जिससे कूलर, पंखे और एसी बंद पड़े हैं तथा फ्रिज में रखी सब्जियां खराब हो रही हैं। रामपुर मथुरा इलाके के करीब 250 गांवों में भी शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। एक उपभोक्ता राहुल ने ऑनलाइन और अफसरों से शिकायत की है, जिस पर अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों पर पोल और तार टूटने से मरम्मत में समय लग रहा है।
रेउसा इलाके के करीब 300 गांवों में एक सप्ताह से बिजली की दिक्कत है और तीन बार आंधी आ चुकी है। इन इलाकों में मोबाइल चार्जिंग के लिए लोगों को कस्बे जाना पड़ रहा है क्योंकि अधिकतर मोबाइल फोन बंद पड़े हैं। मिश्रिख, सिधौली, बिसवां, लहरपुर आदि इलाकों के करीब 250 गांवों में भी बिजली ठप है। अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि आंधी से काफी नुकसान हुआ है, नए पोल लगवाए जा रहे हैं और जल्द ही पूरे जिले की आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
शहर में चार घंटे की कटौती सीतापुर शहर में मंगलवार को उपकेंद्र नवीन चौक, सिटी बिजली घर, तहसील बिजली घर, पुराना सीतापुर और मुंशीगंज से जुड़े इलाकों में चार घंटे की लंबी कटौती हुई।
अधिशासी अभियंता प्रथम अमित कुमार ने बताया कि कनवाखेड़ा मोड़ से वैदही वाटिका तक गैस पाइपलाइन डालने के कारण सुबह 10.30 से 2.30 बजे तक आपूर्ति बंद रही। इससे सिविल लाइन, रोटी गोदाम, आगा कॉलोनी, बैजनाथ कॉलोनी, लोहारबाग, ऑफिसर कॉलोनी सहित कई अन्य इलाके प्रभावित हुए। लंबी कटौती के कारण उपभोक्ताओं के इन्वर्टर भी बंद हो गए, हालांकि बिजली विभाग ने इसकी जानकारी एक दिन पहले ही दे दी थी।