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लखीमपुर रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों को हरी झंडी

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सीतापुर। सीतापुर-लखीमपुर रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के दौड़ने का सपना अब जल्द ही साकार होने जा रहा है। बुधवार को ट्रैक का निरीक्षण करने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने हरी झंडी दे दी है। 90 किमी की रफ्तार से स्पीड ट्रायल कर लखीमपुर से सीतापुर का सफर 40 मिनट में पूरा किया गया। सीआरएस सफल रहा। ट्रैक पर कराए गए कार्यों की गुणवत्ता बेहतर पाई गई है। सीआरएस ने इसकी तारीफ करते हुए ट्रैक को इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए फिट करार दिया है। इससे उम्मीद है कि अब जल्द ही इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ेंगी।
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लखनऊ से सीतापुर के बीच इलेक्ट्रिक लाइन होने के बाद रेलवे सीतापुर से लखीमपुर तक विद्युतीकरण का कार्य कराने में लगा हुआ है। सीतापुर से लखीमपुर तक इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ाने के लिए पिछले कई माह से कार्य तेजी से चल रहा था। सभी कार्य पूरा होने के बाद पिछले महीने टावर वैगन से ट्रॉयल किया गया था, जो सफल रहा था। कुछ छिटपुट खामियां थी, उन्हें दुरुस्त किया गया। इसके बाद सीआरएस के लिए पूर्वोत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल के रेल अधिकारियों ने ट्रैक का निरीक्षण किया था।
23 दिसंबर को सीआरएस की तारीख मिलने के बाद मंगलवार को आरबीएनल के प्रिंसिपल ईडी दिनेश पांडेय ने सीतापुर से लखीमपुर तक रेल ट्रैक का निरीक्षण किया था। आरबीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि बुधवार को रेल संरक्षा आयुक्त लतीफ अहमद, प्रमुख विद्युत इंजीनियर एके शुक्ला, डीआरएम गोरखपुर डॉ. मोनिका अग्निहोत्री समेत रेलवे के कई बड़े अफसर स्पेशल ट्रेन से सुबह करीब 10:20 बजे सीतापुर जंक्शन पहुंचे।
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वहां से रेलवे के सभी अफसर रेल ट्रैक का निरीक्षण करते हुए स्पेशल ट्रेन से सवा तीन बजे के करीब लखीमपुर पहुंचे। बताया कि इस दरम्यान रास्ते में झरेखापुर, हरगांव, ओयल समेत कई स्थानों पर रेलवे के अफसरों ने बारीकी से निरीक्षण किया। कार्यों की गुणवत्ता परखी। एलसी गेट संख्या 86सी व 91सी का निरीक्षण किया। हरगांव स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक कक्ष व यार्ड का निरीक्षण करते हुए लाइन टर्न आउट प्वाइंट, फुट ओवर ब्रिज व ब्रिज संख्या 56 का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण करते हुए टीम लखीमपुर स्टेशन अधीक्षक कक्ष, रिले रूम, आईपीएस रूम, यार्ड आदि की जांच की। स्टेशन से गुजरने वाले रोड ओवरब्रिज का भी निरीक्षण किया गया।
सीआरएस के दौरान रेल संरक्षा आयुक्त, डीआरएम के अलावा प्रमुख परियोजना निदेशक आरवीएनएल दिनेश चंद्र पांडेय, महाप्रबंधक सिग्रल एके सिंह, आरवीएनएल मुख्य परियोजना अधिकारी निश्चल श्रीवास्तव, लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर टीआरडी धर्मेंद्र कुमार यादव, वरिष्ठ मंडल सिग्नल व दूरसंचार इंजीनियर एसडी पाठक, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अजय प्रताप सिंह, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर द्वितीय मानसी मित्तल, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर धनंजय मिश्रा, मंडल परिचालन प्रबंधक डॉ. शिल्पी कन्नौजिया व अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
लखीमपुर तक करीब 45 किमी. का है रेलवे रूट
आरबीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा ने बताया कि इस रूट पर करीब 90 किमी की रफ्तार से स्पेशल इंजन को दौड़ाकर ट्रॉयल किया गया, जो पूरी तरह से सफल रहा। बताया कि लखीमपुर से पांच बजकर 20 मिनट पर स्पेशल ट्रेन चली। स्पीड ट्रायल करते हुए ट्रेन छह बजे सीतापुर पहुंची। करीब 40 मिनट में लखीमपुर से सीतापुर का सफर तय किया गया। बताया कि सीतापुर से 45.389 किमी लंबे इस रूट पर विद्युतीकरण के साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से भी जांच की गई है। ट्रैक का निरीक्षण करने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने फिलहाल इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने के लिए हरी झंडी दे दी है। निरीक्षण के बाद वह कराए गए सभी कार्यों से संतुष्ट दिखे।
रेलवे तय करेगा कब से चलेगी इलेक्ट्रिक ट्रेन
रेलवे के जानकारों की माने तो सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक का सीआरएस करने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त अपनी रिपोर्ट दो से चार दिन में पूर्वोत्तर रेलवे को देंगे। आरबीएनएल के प्रबंधक जगन्नाथ मिश्रा बताते हैं कि रिपोर्ट देने के बाद इस रूट पर ट्रेन कब से दौड़ाई जाएगी, ये रेलवे तय करेगा।
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