कोषागार में उमड़ी पेंशनरों की भीड़, जिले में हैं 13 हजार पेंशनर्स
स्वास्थ्य का काउंटर व अन्य व्यवस्थाएं न होने से हुईं दिक्कतें
फोटो नं. 10 से 15
सीतापुर।
मालूम हो कि जिले में 13 हजार पेंशनर्स हैं। इनको जीवित होने का प्रमाणपत्र हर वर्ष देना होता है। इसके लिए उन्हे स्वयं आकर कोषागार में उपस्थिति दर्ज करनी होती है। इसको लेकर दो नवबंर से कोषागार में फॉर्म जमा हो रहे है।
प्रतिदिन पेंशनर्स कोषागार में प्रमाण पत्र भरते देखे जा सकते है। लेकिन यहां पर पर्याप्त व्यवस्थाएं न होने से बुर्जर्गों को तमाम तरह की दिक्कतें उठानी पड़ रही है। कोषागार में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सोमवार को कुछ पेंशनर्स कोषागार में लगे पेड़ के नीचे फॉर्म भर रहे थे तो कुछ बाहर खड़े वाहन का सहारा लेकर उसके बोनट पर फॉर्म भर रहे थे।
इसके अलावा इस बार जन्मतिथि प्रमाणपत्र भी जमा करना अनिवार्य हो गया है। कोषागार से सीएमओ कार्यालय की दूरी अधिक होने के कारण उनको स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के लिए भटकना पड़ रहा है। कोषागार में स्वास्थ्य का काउंटर न होने से वह खासे परेशान दिखाई दे रहे है।
2016 से ऑनलाइन भी जमा होंगे प्रमाणपत्र
वर्ष 2016 से पेंशनरों के जीवित प्रमाण पत्र जमा करने को लेकर ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया जा रहा है। जिसे अगले वर्ष से लागू कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत पेंशनरों को कोषागार व बैैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेगे। पेंशनर्स ऑनलाइन ही घर बैठे या साइबर कैफे आदि से वर्ष भर में कभी भी जीवित होने का प्रमाण पत्र भर सकेंगे।
बैंकों में भी जमा कर सकते हैं प्रमाणपत्र
कोषागार के साथ ही पेंशनर्स अपनी बैंकों व विभागीय कार्यालय के आहरण वितरण अधिकारी के साथ अपने निवास क्षेत्र के तहसील में भी जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा कर सकते है। शासन स्तर जीवित होने के प्रमाण पत्र को लेकर पूरे वर्ष भर में सुविधानुसार प्रमाण पत्र कभी भी जमा करने की व्यवस्था लागू कर दी गई है।
कुल पेंशनर्स - 12900
जमा प्रमाण पत्र - 3108
अनिवार्यता समाप्त
अब पेंशनर्स अपनी सुविधानुसार बैंक व कोषागार में जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा कर सकते है। पेंशनर्स अब अपना जीवित प्रमाण पत्र पूरे वर्ष के किसी भी कार्यदिवस में दे सकते है। नवंबर व दिसंबर माह में प्रमाण पत्र देने की अनिवार्यता समाप्त हो गई है। जिन पेंशनरों को अब प्रथम भुगतान प्राप्त हो रहा है, उन्हें एक वर्ष के अंदर जीवित प्रमाण पत्र जमा करने की छूट शासन स्तर से दी गई है।-अशोक कुमार त्रिपाठी, वरिष्ठ कोषाधिकारी
साल भर जमा सुविधा से मिली राहत मिली
अब शासन स्तर से पूरे साल भर में जीवित होने का प्रमाण जमा करने की सुविधा लागू होने से बुजुर्ग पेंशनर्स को राहत मिली है। अब हम लोगों को इन्हीं दो महीनों में फॉर्म जमा करने की टेंशन से मुक्ति मिल सकेगी।-बृजलाल, पेंशनर
यहां सहयोगी भी करते है मदद
बैकों में भी फॉर्म जमा करने के निर्देश होने के बाद भी वहां फॉर्म जमा नहीं किया जा रहा। इस कारण हर साल कोषागार में ही जिंदा होने का प्रमाण पत्र जमा करने आना पड़ता है। यहां फार्म जमा करने में सहयोगी भी मदद कर देते है।-महेन्द्र शुक्ला, पेंशनर
जन्म प्रमाण पत्र के लिए लगे काउटंर
इस बार फार्म के साथ जन्मतिथि का प्रमाण भी पेंशन रिवाइज के लिए जमा हो रहा है। जिस कारण बुजर्गों को प्रमाण पत्र बनवाने में कठिनाई आ रही है। इसके लिए अफसरों को कोषागार में प्रमाण पत्र बनाने की व्यवस्था करनी चाहिए।-बनवारीलाल, पेंशनर
प्रचार प्रसार का है अभाव
शासन द्वारा वर्ष भर प्रमाण पत्र जमा करने के निर्देश दिए गए है। इसका प्रचार प्रसार न होने से हम सब लोग नवंबर माह में ही प्रमाण पत्र जमा करने आते है। आज यहां आकर जानकारी मिली है अब अगले वित्तीय वर्ष से राहत मिल सकेगी।-तेजराम, पेंशनर