महोली। इलाके के चंद्रा गांव में गोशाला के पास बृहस्पतिवार शाम एक अज्ञात बुजुर्ग घायल हालत में मिले। ग्रामीणों ने जंगली जानवर के हमले की आशंका जताते हुए वनविभाग व पुलिस को सूचना दी। मौके पर वन कर्मी पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराते हुए घायल बुजुर्ग को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती करवाया।
गोशाला देखने गए प्रधान हरिवंश त्रिवेदी के अनुसार उनको एक बुजुर्ग बेहोशी की हालत में गोशाला के पास मिले। उनकी गर्दन व हाथ में गंभीर घाव थे। प्रधान ने जंगली जानवर का हमला होने की आशंका जताते हुए कोतवाली पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। इस बीच कई ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो आक्रोशित ग्रामीणों ने टीम को बंधक बना लिया। इस बीच महोली पुलिस भी पहुंच गई और ग्रामीणों को समझा कर शांत किया। घटना के बाद वन विभाग की टीम ने इलाके में कॉम्बिंग की। ग्रामीणों ने बताया कि टीम को वन्यजीव के पगचिह्न भी मिले हैं। हालांकि, डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है, किसी कुत्ते या अन्य जानवर के हमले की आशंका लग रही है। यह हमला बाघ का नहीं है।
दो किमी दूर भी मिले पगचिह्न
नरनी गांव से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित सीतारामपुर व कोल्हौरा गांव में भी बृहस्पतिवार को खेतों में जंगली जानवर के पगचिह्न मिले हैं। बाघ को पकड़ने के लिए सीतारामपुर में विभाग ने बृहस्पतिवार को दूसरा पिंजरा लगा दिया है। नदी की तराई क्षेत्र में वन विभाग की टीम व दुधवा टाइगर रिजर्व के एक्सपर्ट कॉम्बिंग कर बाघ की लोकेशन ट्रेस कर रहे हैं।