विधानसभा चुनाव में दाखिल नामांकन पत्रों की जांच में आठ प्रत्याशियों के परचे खारिज हो गए। जिले की नौ विधानसभा सीटों पर 111 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। सभी नामांकन पत्रों की जांच वीडियो कैमरे की निगरानी में की गई।
जांच में कमियां मिलने पर पांच सीटों पर आठ परचे खारिज कर दिए। इनमें बिसवां में चार, महोली, सिधौली, मिश्रिख व सीतापुर में एक-एक परचा शामिल हैं। अब यहां 103 उम्मीदवार रह गए हैं। अब तीन फरवरी को नाम वापसी के बाद जिले में कुल उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो सकेगी। इसी के बाद शेष उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे।
सीतापुर की नौ विधानसभा सीटों में से हरगांव, सिधौली व मिश्रिख सीट आरक्षित हैं। 24 जनवरी से शुरू नामांकन प्रक्रिया 31 जनवरी तक चली। इस दौरान सभी 9 सीटों पर 111 लोगों ने नामांकन पत्र प्रस्तुत किए थे। महोली से 17, सीतापुर में 18, बिसवां में 14, लहरपुर में 13, सिधौली, मिश्रिख में 10-10, हरगांव व सेवता में 11-11 परचे आए।
महमूदाबाद से सात लोगों ने नामांकन किया था। यहां की सभी सीटों पर दाखिल परचों की जांच बुधवार को होनी थी। जिला मुख्यालय पर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवार और एजेंटों का जमावड़ा लगने लगा था। सुबह 11 बजे से विभिन्न न्यायालय कक्षों में दाखिल नामांकन पत्रों की जांच शुरू हुई।
यह प्रक्रिया दोपहर तीन बजे तक चली। जांच में बिसवां, महोली, सिधौली, मिश्रिख व सीतापुर विधानसभा क्षेत्रों में आठ प्रत्याशियों के परचे खारिज हुए। सबसे ज्यादा बिसवां सीट पर चार परचे खारिज हुए। यहां पर भाजपा के पूर्व विधायक अजीत मेहरोत्रा नामांकन में एबी फॉर्म दाखिल नहीं कर सके।
जबकि कम्युनिस्ट पार्टी के मनोज कुमार व एक्शन पार्टी के प्रत्याशी बबलू की उम्र कम मिली। निर्दलीय नत्थाराम के परचे में एक भी प्रस्तावक नहीं थे। जिस कारण सभी नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। सिधौली से निर्दलीय प्रत्याशी हरदेव प्रसाद के नामांकन पत्र में प्रस्तावक नहीं थे।
मिश्रिख में राष्ट्रीय जनाधार पार्टी की मुन्नी देवी में सिर्फ एक ही प्रस्तावक था। महोली में प्रजाशक्ति पार्टी के उम्मीदवार रामकुमार मिश्र व सीतापुर में भारतीय किसान मजदूर पार्टी के प्रत्याशी अमरदीप सिंह के नामांकन पत्र में प्रस्तावक कम थे। इस वजह से सभी परचे खारिज कर दिए गए।