सीतापुर। पौराणिक नगरी नैमिषारण्य धाम को कमिश्नरी की तर्ज पर विकसित करने की कवायद शुरू हो गई है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री व विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता ने इस आशय का प्रस्ताव नियम 115 के तहत सदन में रखा है। इसमें उन्होंने देवीपाटन और चित्रकूट मंडल की तर्ज पर नैमिषारण्य धाम मंडल बनाने की मांग की है।
प्रस्ताव के अनुसार नैमिषारण्य धाम मंडल का मुख्यालय सीतापुर होगा। इसके तहत लखनऊ मंडल से सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर जनपद को अलग कर एक नया मंडल बनाया जाएगा। उन्होंने इस प्रस्ताव पर एक विस्तृत समीक्षा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी मांग का एक पत्र भी सौंपा है।
विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता ने बताया कि लखनऊ उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा मंडल है। लखनऊ मंडल में लखनऊ, रायबरेली, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई और लखीमपुर खीरी को मिलाकर छह जिले आते हैं। लखनऊ कमिश्नरी के तीन जिलों सीतापुर, लखीमपुर और हरदोई को मिलाकर नैमिषारण्य धाम मंडल बनाने की अत्यधिक आवश्यकता है। साथ ही इसका मुख्यालय या प्रशासनिक केंद्र सीतापुर को बनाना नितांत आवश्यक है। ताकि सीतापुर को भौगोलिक, राजनैतिक और प्रशासनिक रूप से संतुलित कमिश्नरी के रूप में विकसित किया जा सके। (संवाद)
नैमिष मंडल के प्रस्ताव में 19 तहसीलें, 53 ब्लॉक : नैमिषारण्य धाम मंडल के प्रस्ताव में तीन जिले, 19 तहसीलें, 25 विधानसभा, 53 ब्लॉक और 4058 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इसका क्षेत्रफल 19 हजार 412 वर्ग किलोमीटर होगा। मंडल बनने के बाद यह क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा मंडल होगा।
वहीं, शेष लखनऊ मंडल में रायबरेली, उन्नाव और लखनऊ जनपद रह जाएंगे। वहीं, इन तीन जिलों के साथ 18 तहसीलें, 21 विधानसभा, 42 ब्लॉक और 2599 ग्राम पंचायतें रह जाएंगी। इसका क्षेत्रफल 11 हजार 129 वर्ग किलोमीटर होगा।
वहीं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ पर नये मंडल के गठन से प्रशासनिक बोझ भी कम होगा। अभी वर्तमान लखनऊ मंडल में 6 जिले, 37 तहसीलें, 46 विधानसभा, 95 ब्लॉक, 6657 ग्राम पंचायतें हैं। वर्तमान में इसका कुल क्षेत्रफल 30 हजार 541 वर्ग किलोमीटर है।