सीतापुर। महोली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुबह सब कुछ सामान्य था। करीब 11:45 पर अचानक भूकंप के तेज झटकों से परिसर में अफरातफरी मच गई। कोई टेबल के नीचे भागा तो कोई दीवार के किनारे खड़ा हो गया। भूकंप से सीएचसी भवन का कुछ हिस्सा ध्वस्त हो गया। आग लग गई।
मरीज व उनके तीमारदारों को निकालने के लिए बचाव राहत टीम मौके पर पहुंची। चिकित्सकों की टीम ने घायलों का इलाज शुरू कर दिया। दमकल की गाड़ियां आग बुझाने में लग गई। यह नजारा शुक्रवार को माॅकड्रिल में दिखा।
उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर भूकंप व अग्निकांड जैसी आपदा से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया गया। उप जिलाधिकारी देवेंद्र मिश्रा, तहसीलदार अंकुर यादव, नायब तहसीलदार महेंद्र कुमार व शिव प्रकाश, सीओ नागेंद्र चौबे, इंस्पेक्टर दिलीप कुमार चौबे, डॉ. अब्बास, डॉ. मोहित पाल समेत 12 दमकल कर्मी, 15 पुलिसकर्मी, 25 स्वास्थ्य कर्मी, 30 तहसील कर्मी, 50 नगर पंचायत कर्मी तथा 35 एनसीसी कैडेट मौजूद रहे।
सिधौली में हुई माॅकड्रिल में अग्निकांड के दौरान मरीजों व तीमारदारों को बचाने के लिए का अभ्यास किया गया। फायर ब्रिगेड व प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से सीएचसी परिसर में मॉक ड्रिल किया गया। शुक्रवार सुबह 10:00 बजे सीएचसी परिसर में फायरकर्मियों व प्रशासन ने मॉकड्रिल की तैयारी शुरू की। उसके बाद उपजिलाधिकारी राखी वर्मा व पुलिस क्षेत्राधिकारी कपूर कुमार के नेतृत्व में कोतवाली प्रभारी बलवंत शाही ने सीएचसी परिसर में मौजूद भीड़ को व्यवस्थित किया। दूसरे तल पर भर्ती मरीजों व तीसरे तल तथा छत पर फंसे लोगों को सीढ़ी व रस्सी की सहायता से नीचे उतारा गया।
नैमिषारण्य में शुक्रवार को 11:25 बजे कृष्ण स्पर्श होटल के प्रथम तल से बचाओ-बचाओ की आवाजें आने लगीं। होटल से धुआं व लपटें उठने लगीं। वहां लगा फायर अलार्म बजने लगा। जिसके बाद सायरन बजाते हुए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और एंबुलेंस होटल पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम द्वारा सीढ़ी के सहारे होटल में फंसे पांच श्रद्धालुओं को कंधों पर लादकर कर नीचे उतारा गया। वहां मौजूद स्वास्थ्य टीम उनको एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र ले गई। उसके बाद सिलिंडर को नीचे लाकर उसमें लगी आग दमकल कर्मियों द्वारा बुझाई गई।
उधर, झरेखापुर में कोतवाली देहात के शाहमहोली स्थित एमकेरेमडीज प्राइवेट लिमिटेड इंडस्ट्रीज में सुबह 10:40 पर एथेनाॅल से भरा टैंकर पलट गया। टैंकर चालक का सहयोगी देशराज उसमें फंस गया। सूचना पर दमकल विभाग की टीम, अग्निशमन अधिकारी राम बाबू के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग ने रेस्क्यू किया और घायल को बाहर निकालकर सीएचसी परसेंडी से आई टीम के सुपुर्दकर उपचार के लिए भेजवाया। एथेनाल से भरा टैंकर पलटने से रिसाव होने लगा और आग लग गई। दमकल विभाग की टीम ने आनन-फानन में आग पर काबू पाया।