सीतापुर। शहर में यातायात को सुचारू रूप से चलाने के लिए ई रिक्शा रूट का निर्धारित किया गया था। जिसका कहीं पर भी अनुपालन होता नहीं दिख रहा है। ई रिक्शा चालक मनमाने तरीके से शहर में फर्राटा भरते हुए नजर आते हैं। जिसके चलते जाम की समस्या बनी ही रहती है।
शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए रूट प्रक्रिया को अपनाया गया था। जिसके तहत शहर में छह अलग-अलग रूट बनवाए गए थे। इनके लिए श्रेणियां भी बनाई गई थीं। हर दिन के हिसाब से ए से लेकर एफ तक श्रेणियों को निर्धारित किया गया था।
प्रत्येक श्रेणी में 100 ई रिक्शे रखे गए थे, जिनके लिए उन पर स्पेशल टैग भी लगवाया गया था। इसके बावजूद भी शहर में इस नियम का कोई भी पालन ई रिक्शा चालक नहीं कर रहे हैं।
वह मनमाने तरीके से किसी भी रूट पर वाहनों को दौड़ाने का काम कर रहे हैं, जिससे जाम की समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों को अभी भी ई रिक्शों की वजह से जाम का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार इस ओर ध्यान देना भी चाहें तो रिक्शा चालक नजरें चुराकर रूट पर रिक्शा चलाने लगते हैं।
हर दिन के लिए एक श्रेणी को निर्धारित किया गया था। सोमवार को ए श्रेणी में दर्ज ई रिक्शे रोडवेज से मंडी तक चलाए जाने थे। इसके बाद मंगलवार को बी श्रेणी में दर्ज ई रिक्शे चलने थे। रविवार के दिन सभी को छूट थी कि वह किसी भी रूट पर चल सकते थे।
यातायात निरीक्षक फरीद अहमद ने बताया कि कुछ रूटों पर इस नियम का अनुपालन कराया जा रहा है। हर श्रेणी में 100 ई रिक्शों को दर्ज किया जाना था। जिसमें शहरवासियों को प्राथमिकता दी जानी थी।
अभी तक महज 300 ई रिक्शे ही अलग-अलग श्रेणियों में दर्ज किए जा सके हैं। जिसके कारण कुछ दिक्कत हो रही है। चालकों से बैठक कर समस्या का हल निकाला जा सकेगा।