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नदियों के उफनाने से बढ़ीं धड़कने, पलायन शुरू

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रामपुर मथुरा क्षेत्र के ग्राम सोंतीपुरवा मजरे कनरखी में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से घिरा गांव। - ? - फोटो : SITAPUR
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रेउसा/रामपुर मथुरा। तराई इलाके में शारदा व सरयू नदी खतरे के निशान से महज 10 सेंटीमीटर दूर है। रविवार को जलस्तर में काफी इजाफा हुआ है। इससे ग्रामीणों की धड़कने बढ़ गईं हैं। तराई में बसे लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है। कटान की चपेट में आकर करीब छह बीघा जमीन नदी में समा गई है। जलस्तर बढ़ने से 15 से अधिक गांव पानी से घिर गये हैं।
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रामपुर मथुरा संवाद के अनुसार महमूदाबाद तहसील में सरयू नदी में बीती रात से जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणें की धड़कने तेज होने लगी हैं। प्रशासन लगातार लोगों को अलर्ट करने में जुटा है। अटौरा के फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 119 सेमी से महज 10 सेमी कम रह गया है। जलस्तर करीब 20 सेमी. बढ़ने से कनरखी के सोंतीपुरवा, अखरी व अंगरौरा के आसपास बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है। जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो रात तक लोगों के घरों व रास्तों पर भी जलभराव हो सकता है।
सोंतीपुरवा में बैजनाथ, रामजीवन व सदाशिव आदि की खेती योग्य जमीन लगातार कट रही है। करीब छह बीघे जमीन नदी में समा चुकी है। तहसीलदार मनीष कुमार ने बताया कि तटबंध पर रह रहे लोगों को कोटेदार द्वारा राशन की व्यवस्था करवाई जा रही है। नाव की व्यवस्था क्षेत्रीय लेखपाल कर रहे है। जलस्तर पर बराबर नजर रखी जा रही है। रेउसा संवाद के अनुसार बिसवां तहसील में बह रही नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है। दूर से दिखाई दे रहे सूखे टीलों पर अब पानी पहुंच रहा है।
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नदियों के जुड़े नालों में भी पानी पहुंचने लगा। गोलोक कोडर के मजरों के किनारे पानी पहुंच गया है। म्योढ़ीडीह, रामलालपुरवा, पासिनपुरवा, दुर्गापुरवा, नगीनापुरवा सहित 15 से अधिक गांवों के किनारे पानी पहुंच रहा है। इससे यहां के ग्रामीणों की धड़कने तेज हो गई हैं। वह सुरक्षित स्थानों की ओर रुख करने को मजबूर हैं। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया अभी बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं है।
संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा
नदियों का जलस्तर बढ़ने से अब संक्रामक रोग पांव पसारने लगे है। रेउसा सीएचसी में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। तटीय इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें नहीं पहुंच रही हैं। ग्रामीण रमेश, महेश व रामखेलावन ने बताया कि गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित है। अभी तक सीएचसी की तरफ से कोई टीम नहीं आई है। ग्रामीणों ने बताया कि अगर ऐसे ही हालात बने रहे तो जल्द ही पानी गांव के करीब पहुंच जाएगा। जिससे रोग फैलने की आशंका है। लेकिन विभाग की तरफ से इसकी अनदेखी की जा रही है।
नियंत्रण में हैं हालात
बाढ़ राहत परियोजनाएं पूर्ण हो गई हैं। नदियों के जलस्तर में इजाफा हुआ है लेकिन कहीं पर भी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। अगर पानी बढ़ता है तो भी परियोजनाएं गांवों को बचाने में कामयाब होंगी।
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- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता, नहर विभाग
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