पर नदियों को प्रदूषित होने से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने न तो कहीं भी कोई इंतजाम किए हैं और न ही प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए गाइड लाइन तय कर उसे जारी किया है। ऐसे में पूर्व की तरह से इस बार भी लोग नदियों में दुर्गा प्रतिमाओं को विसर्जित करेंगे।
शहर में आंख अस्पताल व आर्य नगर में दुर्गा प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है। दोनों समितियों के आयोजकों की माने तो वे लोग शोभा यात्रा निकालकर सरायन नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। ठीक इसी तरह से बिसवां में भी दुर्गा पंडाल है।
यहां के आयोजक प्रतिमा का विसर्जन शारदा सहायक नहर में करेंगे। पहला विकास खंड क्षेत्र में सरैंया स्टेशन परिसर समेत मुसैदाबाद, हुसैनपुर, सद्दूपुर, समैया डीह, भुड़कुड़ा, समनापुर, बेढौरा, ढखिया आदि स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हैं।
इनमें कुछ आयोजक शारदा सहायक नहर में, कुछ घाघरा नदी के चहलारी घाट पर तो कुछ चौका नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन करेंगे। महमूदाबाद में संकटा देवी मंदिर परिसर में दुर्गा पंडाल स्थापित किया गया है। यहां की प्रतिमा भी चौका नदी में विसर्जित की जाएगी।
रेउसा में दो स्थानों पर व मारूबेहड़ में दुर्गा पंडाल स्थापित है। यहां से शोभायात्रा चहलारी घाट को जाएगी और वहां पर घाघरा में प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। इन सभी समितिओं के आयोजकों का साफ कहना है कि पर्यावरण को लेकर प्रशासन की तरफ से कोई निर्देश उन्हें प्राप्त नहीं हुए हैं।