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पेयजल समस्या से जूझेंगे नौनिहाल

Mon, 22 Jun 2015 11:33 PM IST
अमरउजाला ब्यूरो/सीतापुर
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जुलाई माह में नौनिहाल पेयजल की समस्या से जूझेंगे। कारण यह है जिले के 90 परिषदीय स्कूल ऐसे हैं। जहां पर पेयजल का कोई इंतजाम नहीं है। नौनिहाल व शिक्षक आस पड़ोस के हैड़पंपों के सहारे प्यास बुझाते हैं। जबकि 395 हैड़पंप रिबोर होने की राह ताक रहे है।
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इन हैड़पंपों में दूषित जल आ रहा है या चल ही नहीं रहे है। यह हालत तब बने हुए है जब स्कूल खुलने में मात्र दस दिन का समय बचा है। अभी तक इनको दुरुस्त नहीं कराया जा सका है।
परिषदीय स्कूलों के नौनिहालों व शिक्षक को प्यास बुझाने के लिए दूर न जाना पड़े इसके लिए प्रत्येक स्कूल में इंडिया मार्का हैड़पंप लगवाए जाने का प्रावधान है। इन हैड़पंपों के सहारे बच्चों की प्यास बुझती है व एमडीएम पकाया जाता है। लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते हैड़पंप खराब पड़े हुए है।
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 विभागीय आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में जिले में 3015 प्राथमिक विद्यालय है। जिनमें 35 स्कूलों में पेयजल का कोई इंतजाम नहीं है। यहां के नौनिहाल व शिक्षक आस पड़ोस के हैड़पंपों के सहारे प्यास बुझाते है। एमडीएम पकाने के लिए रसोईयों को भी दिक्कतें उठानी पड़ती है।
 इसी प्रकार 1152 उच्च प्राथमिक स्कूल है। जिनमें 55 स्कूलों में हैड़पंप नहीं है। जबकि 102 प्राथमिक विद्यालयों में हैड़पंप रिबोर होने की राह ताक रहे है। इन हैड़पंपों में पानी दूषित आ रहा है या पानी ही नहीं आता है। इसी प्रकार 283 उच्च प्राथमिक विद्यालय है।
जहां पर हैड़पंप रिबोर होने का रास्ता देख रहे है। जबकि एक जुलाई से स्कूल खुल जाएंगे। स्कूल खुलने में दस दिन ही शेष बचे है। ऐसे में जल्द अगर इनको दुरुस्त नहीं कराया गया तो नौनिहाल पानी के लिए भटकते हुए नजर आएंगे। जिन स्कूलों में नए हैड़पंप लगाए जाने हैं या रिबोर होना हैं।
इसकी विद्यालयवार सूची बनाई गई थी। प्रत्येक ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी को दुरुस्त कराने के लिए विभाग की तरफ से सूची सौंपी जा चुकी है। अगर कार्रवाई नहीं हो रही है तो दोबारा रिमाइंडर भेजा जाएगा। जुलाई से पहले पेयजल के इंतजाम दुरुस्त करा लिए जाएंगे।
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