सकरन (सीतापुर)। बोहरा की प्रधान व सचिव ने बगैर प्रस्ताव व स्टीमेट के नाले का निर्माण करा दिया। इसमें भी मानकों की अनदेखी की गई। घटिया निर्माण कराने से भड़के ग्रामीणों ने इसे श्रमदान घोषित किए जाने की मांग की है।
ग्राम पंचायत बोहरा में प्रधान आशा देवी व सचिव प्रदीप चौधरी ने नियम विरुद्ध नाला निर्माण करा दिया। बोहरा के मजरा बखतपुर में बगैर प्रस्ताव व स्टीमेट के लाखों की लागत से नाले का निर्माण करा दिया गया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इसमें भी मानकों की अनदेखी करते हुए पीली ईंटों का प्रयोग किया गया। घटिया क्वालिटी की सीमेंट लगाई गई। हकीकत छिपाने के लिए जिम्मेदारों ने जल्दबाजी में नाले के ऊपर प्लास्टर भी करा दिया। ग्रामीण बाबू, रमेश, रामू, केतन, जितेंद्र व पवन ने जब घटिया निर्माण की शिकायत की तो पता चला कि कराए गए कार्य का न तो प्रस्ताव है और न ही स्टीमेट बना है।
यहां तक निविदा प्रक्रिया भी पूरी नही की गई है। ग्रामीणों ने बगैर प्रस्ताव के कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित किए जाने की मांग की है। सचिव प्रदीप चौधरी ने बताया कि प्रधान ने बगैर प्रस्ताव कार्य कराया है, इसका भुगतान नहीं कराया जाएगा। अवर अभियंता सुभाष वर्मा ने बताया कि बगैर प्रस्ताव के कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित किया जाएगा।