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Sitapur News: भारत की एकता के लिए डॉ. मुखर्जी ने जीवनभर किया संघर्ष

Sun, 07 Jul 2024 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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नैमिषारण्य (सीतापुर)। यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राज्यसभा सदस्य दिनेश शर्मा ने कहा कि जहां संत हैं, वहां बसंत है। जहां बसंत है वहीं दुखों का अंत है और वही राम राज है। वह शुक्रवार को नैमिष में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर खाटू श्याम सत्संग भवन में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत का स्वप्न देखा। आजादी के बाद पूरे भारत राष्ट्र के एकीकरण के लिए जीवन भर संघर्ष किया।
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राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा कहा कि महात्मा गांधी चाहते थे कि भारत का विभाजन नहीं होना चाहिए, लेकिन जवाहर लाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना की आंतरिक संधि के चलते दो राष्ट्र बनाने का प्रस्ताव आया और देश का विभाजन हुआ। हिंदुओं ने सभी कष्ट सहकर विभाजन स्वीकार किया। इन्हीं हिंदुओं को राहुल गांधी ने हिंसक और नफरती बताया है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करके किया गया।
क्षेत्रीय विधायक रामकृष्ण भार्गव ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों का अभिनंदन किया । 84 कोसीय परिक्रमा समिति के अध्यक्ष नारायण दास, बनगढ़ महंत संतोष दास खाकी, चक्रतीर्थ पुजारी राजनारायण पांडेय, स्वामी विद्यानंद, चरण दास, प्रीतम दास, विधायक निर्मल वर्मा, मनीष रावत, ज्ञान तिवारी, सांसद प्रतिनिधि राजकुमार सोनी, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिव कुमार गुप्ता, मुनींद्र अवस्थी, ब्लॉक प्रमुख राम किंकर पांडेय, राम गोपाल अवस्थी, नैमिष रत्न तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अजय भार्गव, मिश्रिख चेयरमैन प्रतिनिधि बबलू सिंह, विश्राम सागर राठौर आदि मौजूद रहे। उधर, लखनऊ से नैमिषारण्य आते समय सांसद दिनेश शर्मा का सिधौली, कल्ली चौराहा और ललिता देवी मंदिर चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
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ललिता देवी मंदिर में की पूजा
ललिता देवी मंदिर में पुजारी अटल बिहारी शास्त्री, लाल बिहारी शास्त्री ने माता का विधिवत दर्शन और आरती कराई। उन्होंने माता के यज्ञ में आहुतियां भी अर्पित कीं। इसके पश्चात वह हनुमान गढ़ी दर्शन करने पहुंचे, जहां महंत बजरंग दास व 1008 पवन दास ने दर्शन पूजन कराया। मीडिया पर यह मामला साझा कर दिया। इस पर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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