सीतापुर/महमूदाबाद । पक्का इरादा और सच्ची लगन के साथ मेहनत की जाए तो सब कुछ हासिल हो सकता है। सीतापुर के तीन होनहारों ने पीसीएस में चयनित होकर इसे साकार कर दिखाया। इसमें महमूदाबाद के एक हारमोनियम मैकैनिक की बेटी डीपीओ बनी तो दूसरा होनहार बाल विकास परियोजना अधिकारी पद पर चयनित हुआ है जबकि प्राथमिक विद्यालय पिपराकला के सहायक का चयन जेल अधीक्षक पद पर हुआ है।
महमूदाबाद में हारमोनियम मैकेनिक के बतौर घर परिवार का खर्च चलाने वाले नई बाजार उत्तरी वार्ड निवासी सुरेन्द्र विकश्वकर्मा की पुत्री निहारिका का नाम पीसीएस के सफल प्रतिभागियों में देख घर परिवार के साथ ही पूरे इलाके में खुशी व जश्न का माहौल देखा गया। निहारिका का चयन जिला कार्यक्रम अधिकारी पद पर हुआ है।
इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सीता इंटर कालेज, स्नातक फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय डिग्री कालेज महमूदाबाद और परास्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से हासिल करने वाले निहारिका इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता की प्रेरणा को देती है। महमूदाबाद कोतवाली के ड्राइवर रहे राम सागर पांडेय के पुत्र रामानुज पांडेय बाल विकास परियोजना अधिकारी बने हैं। मूलरूप से लखनऊ निवासी रामनुज ने इंटर तक की पढ़ाई महमूदाबाद में की है। इसके बाद उच्च शिक्षा उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की।
हौसले की ठोकरों से तोड़ा परेशानियों का पहाड़
उरदौली निवासी सचिन वर्मा जेल अधीक्षक के पद पर चयनित होकर जनपद का राम रोशन किया है। जेल अधीक्षक पद पर चयनित हुए सचिन वर्मा की सफलता काफी प्रेरणादायक है। वह जब इंटर की परीक्षा दे रहे थे तब उनके पिता सोमेश्वर शरण का देहांत हो गया था। सचिन बाताते हैं कि चिता ठंडी होने के पहले ही वह मैथ का पेपर देने चले गए थे।
असहनीय दुख होने के बावजूद उन्होंने पेपर दिया और मैथ में 74 फीसदी अंक अर्जित किए। पिता के न रहने के बाद उनकी समाजसेवी मां चंद्रकांती वर्मा ने उनको हौसला दिया और उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ भेज दिया। इससे पूर्व सचिन नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही दो बार पीसीएस मेंस तक पहुंच चुके हैं। उनकी सफलता में उनके शिक्षक चाचा संतसरण का विशेष योगदान रहा।