अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रशीला ने दहेज हत्या के दोषी एक पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर यादव ने की।
विनोद निवासी ग्राम सरवा डीह थाना पिसावां का विवाह 2010 में प्यारेलाल की पुत्री आशा के साथ हुआ था। 26 जुलाई 2011 को वह अपनी पुत्री को विदा कराने के लिए ससुराल पहुंचा, लेकिन दहेज की मांग पूरी न होने चलते विदाई संभव न हो सकी। इसी बीच 31 जुलाई 2011 को आशा की गला रेत कर हत्या कर दी गई।
विवेचक ने पति विनोद व ससुर रामदयाल के विरूद्ध पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने रामदयाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया, लेकिन विनोद को उम्र कैद समेत पचास हजार रुपये के अर्थ दंड की सजा सुनाई।