सीतापुर। झांसी के मेडिकल कॉलेज के एनआईसीयू में लगी आग के बाद जिला अस्पताल प्रशासन हरकत में आ गया है। अस्पताल में 50 अग्निशमन यंत्र बढ़ाएं जाएंगे। साथ ही वार्डों में फायर बकेट लगाए जाएंगे।
झांसी में हुई घटना के बाद अमर उजाला ने जिला व महिला अस्पताल में अग्निकांड से निपटने के लिए सुरक्षा इंतजामों की हकीकत परखी थी। इसमें इंतजाम नाकाफी मिले थे। सीडीओ निधि बंसल ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था।
खबर छपने के बाद जिला अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ। सीएमएस डॉ. इंदर सिंह ने रविवार को पूरे अस्पताल का गहनता से निरीक्षण किया। एक-एक वार्ड में जाकर वहां पर मौजूद सुविधाओं को परखा। इस दौरान अग्निशमन यंत्रों की कमी मिली।
इसके अलावा पूरे अस्पताल परिसर में फायर बकेट नहीं मिले। अब अस्पताल प्रशासन 50 अतिरिक्त अग्निशमन यंत्रों की खरीद करेगा। प्रत्येक वार्ड में फायर बकेट लगाए जाएंगे। इससे कोई भी घटना होने पर तत्काल काबू पाया जा सकेगा।
जल्द होगी माॅकड्रिल
अस्पताल प्रशासन ने अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए रणनीति बनाई है। इसके लिए जल्द ही माॅकड्रिल होगी। इसके अलावा अस्पताल में एक टीम गठित की जाएगी। यह टीम प्रत्येक माह अग्नि से बचाव के संसाधनों को परखेगी। उसके बाद सीएमएस को रिपोर्ट करेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
बढ़ाएं जाएंगे संसाधन
अस्पताल में अग्निकांड जैसी घटनाओं से निपटने के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। कुछ संसाधनों की कमी महसूस हो रही है। जल्द ही संसाधन बढ़ाएं जाएंगे। इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
डॉ. इंदर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल