सीतापुर। सीबीआई की टीम ने सोमवार को जिले में दस्तक दी। गोमती रिवर फ्रंट घोटाले को लेकर छापा मारा। काफी देर तक दस्तावेज खंगाले और इसके बाद टीम लखनऊ लौट गई। टीम ने किसी भी अधिकारी से संपर्क नहीं किया। पूरी कार्रवाई बड़े ही गोपनीय तरीके से की। कोई भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मामला सोमवार को एक बार फिर चर्चा में आ गया, जब सीबीआई ने जिले में छापा मारा। बताते हैं कि सीबीआई की टीम लखनऊ से सीतापुर पहुंची और बड़े ही गोपनीय तरीके से इस मामले से जुड़े लोगों और दस्तावेजों की जांच की। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई सिंचाई विभाग के दफ्तर भी गई थी।
वहां पर 2014 से 2016 के बीच सपा की सरकार में तैनात रहे एक अधीक्षण अभियंता के बारे में जानकारी की। पता चला कि अधीक्षण अभियंता रिटायर्ड हो चुके हैं। पूरे मामले की जांच करने के बाद टीम लखनऊ लौट गई। सीबीआई ने जिले के किसी भी पुलिस व प्रशासनिक अफसर से कोई संपर्क नहीं किया। यही वजह है कि हाई प्रोफाइल मामला होने से जिले का कोई भी अधिकारी मामले में कुछ भी नहीं बोल रहा है। सिंचाई विभाग के अफसर रेड पड़ने की बात से इंकार कर रहे हैं।