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Sitapur News: मरीज से अधिक एमआर को तरजीह दे रहे चिकित्सक

Thu, 18 Jan 2024 09:07 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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सीतापुर। जिला अस्पताल में मरीजों को इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है। चिकित्सकों के पास मरीजों को देखने का समय कम है। वह अपना समय एमआर से बातचीत में लगा रहे हैं। जबकि शासन के निर्देश हैं कि चिकित्सक किसी एमआर से बात नहीं करेंगे लेकिन जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने इसे अनसुना कर दिया है। हाल यह है कि जिला अस्पताल की ओपीडी में एमआर की भीड़ हर समय मौजूद रहती है। मरीजों को इसके चलते दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी सुबह आठ बजे से प्रारंभ हो जाती है। मरीजों को अस्पताल की तरफ से निशुल्क दवा दी जाती है। दवा की किसी भी कंपनी के एमआर को ओपीडी में आने पर रोक लगाई गई है। बावजूद इसके इनकी मौजूदगी हर समय अस्पताल में बनी रहती है। बृहस्पतिवार को डॉ. अरशद जमाल व डॉ. अमरेंद्र की ओपीडी में एमआर दवाओं का प्रस्तुतीकरण कर रहे थे। इन चिकित्सकों की ओपीडी में खड़े मरीज बबलू ने बताया सुबह अस्पताल आया था। आधा घंटा लाइन में लगने के बाद पर्चा बना। जब यहां पर आए तो डॉक्टर साहब 20 मिनट से व्यस्त है। वह कुछ देर इंतजार करने की बात कह रहे हैं। इसी तरह आशीष ने बताया कि पेट दर्द हो रहा है। डॉक्टर साहब दवाओं को जानने में मशगूल है। यह हाल अस्पताल के सभी चिकित्सक के कमरों में देखने को मिल रहे हैं। सीएमएस डॉ. पीके सिंह से बात की गई तो बोले डीएम सर की मीटिंग में हूं। इस मुद्दे पर बाद में बात करेंगे।

आखिर क्यों आ रहे एमआर
जिला अस्पताल के मरीजों को बाहर से दवा लिखने के लिए प्रतिबंध है। अस्पताल में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है। ऐसे में सवाल लाजिमी है जब डॉक्टर दवा बेचने का कमीशन ले रहे है तो वह बाहर से दवा लिखेंगे ही। इसी वजह से एमआर अस्पताल में आ रहे हैं। मरीजों को बाहर से खूब दवाएं लिखी जा रही हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार से इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
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