गोरखपुर में ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने से मारे गए लोगों का मामला अभी थमा भी नहीं था कि लहरपुर सीएचसी में रविवार को ऑक्सीजन न मिलने से एक बालिका ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए परिवारीजनों ने जमकर बवाल किया। उनका आरोप था कि ऑक्सीजन न मिलने से बालिका की सांसें थम गईं। उधर, स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सीएचसी में ऑक्सीजन मौजूद थी। बच्ची के परिवारीजन उसे मृत हालत में अस्पताल लाए थे। बावजूद इसके परिवार के सदस्य उसे ऑक्सीजन लगाने की जिद पर अड़े थे।
लहरपुर के नई बस्ती निवासी फिरोज की पुत्री रमसा (5) डायरिया से पीड़ित थी। परिवारीजन रविवार को उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पर कुछ देर बाद ही परिवार ने हंगामा शुरू कर दिया। परिवार का कहना था कि वे सुबह पांच बजे बालिका को लेकर सीएचसी पहुंचे थे। रमसा डायरिया की शिकार थी और उसे सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी।
अस्पताल में डॉक्टर ही नहीं मिले, इससे बालिका की हालत बिगड़ती चली गई। बार-बार कहने पर भी अस्पताल प्रशासन ने बालिका को ऑक्सीजन नहीं लगाया। परिवारीजनों ने बताया कि करीब दो घंटे बाद डॉक्टर शमशुल मिले, जिन्होंने बालिका को देखा। इसके बाद डॉक्टर ने ऑक्सीजन उपलब्ध न होने की बात कहते हुए सीतापुर जिला अस्पताल जाने को कहा। बहुत जोर देने के बाद एंबुलेंस से ऑक्सीजन लाई गई, लेकिन तब तक बालिका की सांसें थम चुकी थीं। परिवार का कहना है कि समय से ऑक्सीजन न मिलने की वजह से बालिका की मौत हुई है।
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परिवार रमसा का इलाज किसी अन्य प्राइवेट अस्पताल में करा रहे थे। जिसके बाद प्राइवेट डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया था। परिवार के सदस्य बालिका को मृत हालत में लेकर आए थे। बालिका को तत्काल देखा गया और परिवार को बता भी दिया गया कि बालिका मृत है। बावजूद इसके परिवार के सदस्य बालिका को ऑक्सीजन लगाने की जिद कर रहे थे। जब मृत बालिका को ऑक्सीजन लगाने से मना किया, तब परिवार ने बेवजह ही हंगामा शुरू कर दिया और झूठा आरोप लगाने लगे। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में अक्सीजन उपलब्ध है, जरूरतमंद मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही है।- डॉ. शमशुल, सीएचसी
शनिवार सुबह ही जिला अस्पताल, महिला अस्पताल व जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से ऑक्सीजन की जानकारी ली गई थी। हर जगह पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। लहरपुर के मामले में परिवार अस्पताल प्रशासन पर झूठा आरोप लगा रहा है। बालिका को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था।- डॉ. ध्रुवराज सिंह, सीएमओ