डीएम अमृत त्रिपाठी ने मंगलवार को नैमिषारण्य तीर्थ स्थल सहित 84 कोसी परिक्रमा पड़ावों का निरीक्षण किया। इस दौरान नैमिष के राजघाट में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच की गई। जांच में यह सब कार्य गोमती नदी के पानी डूबे मिले।
इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था पर्यटन विभाग पर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम को पूरे नैमिष में सफाई व्यवस्था बदरंग मिली। उन्होंने इस मामले में ईओ को फटकार लगाई।
डीएम गेस्ट हाउस में संतों के साथ बैठक की और नैमिष के विकास, परिक्रमा स्थलों के विकास, नैमिष की साफ सफाई व चक्रतीर्थ पर होने वाली भव्य आरती को लेकर संतों के सुझाव दिए। शासन प्रशासन के स्तर से होने वाले व किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
डीएम पेयजल व्यवस्था को लेकर अधिशासी अभियंता जलनिगम व सड़क आदि कार्यों को लेकर पीडब्लूडी के एक्सईएन को कड़े निर्देश दिए। इसके साथ डीएम ने 84 कोसी परिक्रमा पड़ाव स्थलों को निरीक्षण किया। संदना व जरिगवां में निरीक्षण के दौरान डीएम ने रैन बसेरा, पड़ाव मार्ग व पेयजल को लेकर स्थानीय लोगों से वार्ता कर अफसरों को निर्देश दिए।
वहीं डीएम ने नैमिष में बिजली आपूर्ति बेेहतर करने को लेरक कडे़ निर्देश पावर कार्पोरेशन को दिए गए। इस दौरान एसडीएम मनोज पांडे, अधिशासी अभियंता जीएस रविकुल, ईओ शैलेंद्र दुबे आदि मौजूद रहे।