देवकली गांव में सार्वजनिक स्थान पर अंबेडकर मूर्ति स्थापित करने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। खबर पाकर पहुंची पुलिस ने मूर्ति को हटवाकर कब्जे में ले लिया। मूर्ति स्थापित करने वाले पक्ष का आरोप है कि मूर्ति तोड़ी गई है, जबकि पुलिस का कहना है कि मूर्ति तोड़ी नहीं गई। हटाते वक्त उसमें स्क्रैच आ गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पिसावां के देवकली गांव में करीब एक साल पूर्व अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने के लिए लाई गई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते मूर्ति की स्थापना नहीं हो सकी थी। मूर्ति रखी हुई थी। जिसके चलते इस बार बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर गुरुवार रात लोगों ने मूर्ति स्थापित कर दी।
सुबह जब गांव के लोग उठे तो मूर्ति देख विरोध करने लगे। जानकारी होने पर सीओ मिश्रिख उदय प्रताप सिंह, कानूनगो अनिल सिंह व लेखपाल आलोक मिश्रा व थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की।
मूर्ति स्थापना को लेकर कोई प्रशासनिक आदेश न होने से पुलिस ने मूर्ति हटवाकर उसे थाने पहुंचा दिया। इस पर मूर्ति स्थापित करने वाले लोग मूर्ति तोड़े जाने का आरोप लगाने लगे। पुलिस ने बिना प्रशासनिक अनुमति के मूर्ति स्थापना किए जाने को लेकर बनवारी, सर्वेश, इंद्रपाल, नंदकिशोर, रामहेत, सूबेदार, खेमकरन के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मूर्ति तोड़े जाने जैसी कोई घटना नहीं है। हटाते वक्त मूर्ति में स्क्रैच आ गया था। मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।