सीतापुर। शहर कोतवाली के रंपा मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने के दौरान मंदिर का चबूतरा तोड़े जाने को लेकर बृहस्पतिवार को विवाद हो गया। विरोध करने पर पुलिस जितेंद्र मिश्रा और उनके बेटे शुभम मिश्रा को कोतवाली ले आई। जानकारी मिलते ही नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु देर रात बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पिता-पुत्र को रिहा करने की मांग की। इस दौरान वह मीडिया के सामने फफककर रो पड़े।
रंपा मार्ग पर नगर पालिका की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। इसी दौरान मंदिर के सामने बने चबूतरे को तोड़ दिया गया। जितेंद्र और शुभम ने इसका विरोध किया। आरोप है कि इस दौरान उनकी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों से कहासुनी हो गई। पुलिस दोनों को हिरासत में लेकर कोतवाली पहुंची। आरोप है कि उन्हें जमीन पर बैठाया और कोतवाल ने अभद्रता की।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने डीएम, एसपी, ईओ और कोतवाल से दोनों को छोड़ने का अनुरोध किया, लेकिन रिहाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि बट्सगंज के माफिया और हिस्ट्रीशीटर किस्म के लोगों को कोतवाली में कुर्सी व सुविधाएं दी जाती हैं, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं को फर्श पर बैठाया जाता है। काफी देर तक हंगामे के बाद देर रात दोनों को रिहा कर दिया गया।
सपा का ट्वीट
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