बाढ़ व कटान का दंश झेल चुके गांव में अब संक्रामक रोगों का कहर चल रहा है। क्षेत्र के सात गांवों में 100 से अधिक लोग बीमार पड़े हैं, जिनको बुखार, उल्टी व दस्त की शिकायतें आम हैं। एक अनुमान के हिसाब से क्षेत्र में करीब 200 लोगों के बीमार है। स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें भी नजर नहीं आ रही हैं।
रेउसा क्षेत्र के ग्राम बारिन पुरवा गांव में मुन्ना खां का परिवार बीमार पड़ा है। मुन्ना खां का पुत्र सलमान (12), जीशान (9) ,रेहान (6), पुत्री तबस्सुम (5) को बुखार की शिकायत है। गांव में करीब 40 लोग बीमार पड़े हैं। बनियन पुरवा गांव में जगरानी (50), मनीराम (25), केशन (40) समेत 35 लोग बीमार हैं।
बाजार पुरवा गांव के पप्पू का पुत्र यासिर (2), पुत्री कविता (6), मुस्ताक का आठ माह का पुत्र जीशान समेत करीब 30 लोग बीमार हैं। धोबिन पुरवा गांव में संतराम (42), संतराम का पुत्र फूल कुमार (16), पुत्री सविता देवी 6 माह, लालजी का पुत्र उमेश (3), राजकुमारी (30) सहित 30 लोग बीमार हैं।
बिल्लर पुरवा गांव में राजीव का पुत्र अनुजेश (8), राजू का पुत्र गोलू (5), पुत्री सुनीता देवी (3),प्यारे का पुत्र नीरज (2) समेत 35 लोग बीमार हैं। लालपुरवा गांव में मैकू (60), संतू, हिमांशी आदि 30 लोग बीमार पड़े हैं। बीमार लोगों में किसी के शरीर पर दाने, तो किसी के शरीर पर फफोले पड़ रहे हैं। जबकि कुछ लोग बुखार व उल्टी-दस्त की शिकायत से परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल टीमें कहां चल रही हैं, उन्हें कुछ नहीं पता है। कोई प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहा है, तो कोई झोलाछाप से। उधर, क्षेत्र के रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक इस क्षेत्र में फैल रहे संक्रामक रोग से पूरी तरह से अंजान बने हैं।