कहीं भी हुए हादसे की रिकार्डिंग हो सके या साक्ष्य जुटाने के लिए पुलिस को मशक्कत न करनी पड़े, इसके लिए यूपी 100 डायल वाहनों को डेस्क कैमरों से लैस किया जा रहा है। नेटवर्किंग सिस्टम को बेहतर बनाया जा रहा है। मालूम हो कि कई मामलों में घटना स्थल पर पहुंचने के बावजूद पुलिस को साक्ष्य नहीं मिलते थे।
सड़क पर होने वाले विवादों के साक्ष्य पुलिस आसानी से नहीं जुटा पाती थी। इन खामियों को दुरुस्त करने के लिए अब शासन ने यूपी 100 के वाहनों को डेस्क कैमरे से लैस करने की योजना पर अमल शुरू कर दिया है। जिले में कुल 54 वाहन हैं। इनमें 13 वाहन इनोवा जबकि 41 बोलेरो हैं। पहले चरण में इन वाहनों के एमडीटी (मोबाइल डाटा ट्रैकिंग सिस्टम) को आपडेट किया गया है।
इसके तहत मोबाइल की बीप तब तक बजती रहेगी, जब तक उसे वाहन में मौजूद पुलिसकर्मी रिसीव नहीं करेंगे। पूरे डाटा को एंटी वायरस सिस्टम से भी लैस किया गया है। वाहनों में डेस्क कैमरे लगाए जा रहे हैं। अभी तक 13 इनोवा वाहनों को इन कैमरों से लैस किया जा सका है। अधिकारियों का कहना है कि काम चल रहा है, जल्द ही जिले में मौजूद यूपी 100 की सभी गाड़ियों को इस सिस्टम से लैस कर दिया जाएगा। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सिस्टम को बेहतर तकनीकि से लैस किए जाने की वजह से पुलिस कर्मियों को काफी मदद मिलेगी।
यूपी 100 वाहनों में लगे डेस्क कैमरे से पुलिस को सड़क हादसों की लाइव तस्वीर मिलने की भी उम्मीद है। माना जा रहा है कि पुलिस का वाहन सड़क पर चलते समय अगर सामने कोई सड़क हादसा होता है। तब डेस्क पर लगे कैमरे में सारा घटनाक्रम कैद हो जाएगा।