पेयजल व्यवस्था को जांचते डिप्टी सीएम।
सिधौली। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक मंगलवार को सीएचसी में अव्यवस्थाएं देख नाराज दिखे। बेडशीट पर खून के धब्बे मिले। एक्सरे कक्ष के बाहर अंधेरा पसरा था और जांच ठप थी। परिसर में कई जगहों पर गंदगी दिखी। डिप्टी सीएम ने सफाई के लिए लगी आउटसोर्सिंग कंपनी व सफाई कर्मचारियों का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए। करीब 45 मिनट के निरीक्षण में उपमुख्यमंत्री ने सीएचसी का चप्पा-चप्पा देखा।
दोपहर करीब एक बजे डिप्टी सीएम सीओ कार्यालय के पास पहुंचे। उन्होंने काफिला रुकवाया। चेहरे पर मास्क लगाकर वह पैदल ही सीएचसी में बने परचा काउंटर पहुंचे और लाइन में लग गए। इस दौरान कतार में खड़े मरीजों से बात की। इसके बाद वह सीएचसी के अंदर पहुंचे।
एक्सरे कक्ष के बाहर अंधेरा छाया हुआ था। मरीज लाइन में लगे हुए थे। यहां जांच सुविधा ठप मिली। हालांकि कुछ लोग उन्हें पहचान गए। डिप्टी सीएम ने पूछा तो पता चला कि बिजली न आने के कारण जांच ठप है।
उन्होंने चिकित्सक से कहा कि जैसे बत्ती जाए, जनरेटर चलाओ। देरी की तो ठीक नहीं होगा। मरीजों ने बताया कि एक ही एक्सरे टेक्नीशियन है। उन्होंने जल्द दूसरे टेक्नीशियन की तैनाती होने की बात कही। इसके बाद वह वार्डों में पहुंचे। बेड पर चादरें बिछीं हुई थीं। एक चादर पर खून के धब्बे मिले तो वह नाराज हो गए।
अधीक्षक डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि आज ही ये चादरें बिछाई गईं हैं। उन्होंने कहा कि सफाई का काम ठीक ढंग से नहीं हो रहा है। नाराज डिप्टी सीएम ने ठेका कंपनी का एक माह का बजट काटने के निर्देश दिए।