महोली (सीतापुर)। इलाके में रविवार को वनरोज का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। खबर फैलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई। वनरोज पर बाघ के हमले की आशंका जताते हुए कुछ लोगों ने बाघ देखे जाने का दावा भी किया। हांलाकि, वन विभाग की टीम को मौके पर पगचिन्ह नहीं मिले हैं। एक पखवाड़े बाद भी बाघ के पकड़े न जाने से इलाके में दहशत बरकरार है।
महोली वन रेंज के नरनी गांव निवासी सौरभ गत 22 अगस्त को खेत गया था। बाघ ने खेत में सौरभ को निवाला बना लिया था। काफी देर तक घर न लौटने पर तलाश के दौरान सौरभ का क्षत-विक्षत शव खेत में पाया गया था। इसके बाद वन विभाग और दुधवा रिजर्व के एक्सपर्ट की 20 टीमों ने बाघ की तलाश शुरू की। ड्रोन से भी लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया गया।
दो पिंजरे और चार जगहों पर पड़वा बांधकर बाघ को फंसाने की कवायद की गई। इस बीच नरनी में शिकार करने के चौथे दिन बाघ फिर घटनास्थल पर लौटा था। पिंजरे के पास पगचिन्ह मिले थे। इसके बाद वन विभाग द्वारा बांधे गए एक पड़वा को निवाला बनाया। अगले दिन गाय पर हमला किया। बाघ लगातार इलाके में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता रहा, लेकिन वन विभाग का करीब 40 अफसरों व कर्मचारियों का अमला उसे पकड़ नहीं सका।
वन विभाग के अफसरों ने पिंजरों व पड़वों की जगह भी बदली। इसके बाद भी कोई सफलता नहीं मिली। बाघ की दहशत के बीच रविवार को वनरोज का क्षत-विक्षत शव मिला तो एक बार फिर हड़कंप मच गया।