कमलापुर (सीतापुर)। डकैतों ने बुधवार रात ताबड़तोड़ तीन गांवों में धावा बोल दहशत फैला दी। लूट व चोरी में असफल होने पर डकैतों ने फायरिंग की, जिससे दो गांवों में दो लोग घायल हो गए। एक को लखनऊ रेफर किया गया है। तीसरे गांव में भी डकैत लूट करने में सफल नहीं हुए। मौके पर सीओ व इंस्पेक्टर ने जांच की है।
कमलापुर इलाके के किशुन खेड़ा गांव निवासी राम भरोसे के घर बीती रात डकैत दीवार फांदकर घुस गए। आहट पर राम भरोसे की पत्नी जग गई। घर में डकैतों को देखकर उसने शोर मचाया तो इस पर सभी भाग निकले। वहां से भागे डकैत पड़ोस के मधवापुर गांव में राम प्रकाश के घर जा पहुंचे।
राम प्रकाश की बाहर बंधी भैंसों के पास पहुंचे, तभी आहट पाकर विशुन कुमार ने बेटे राम प्रकाश को आवाज दी। आवाज सुनकर राम प्रकाश घर से डंडा लेकर निकला। उसने डकैतों को देखकर ललकारा तो डकैतों ने उस पर फायर झोंक दिया। ग्रामीणों की घेराबंदी देख डकैतों ने चार राउंड फायरिंग की।
इसमें से एक गोली राम प्रकाश को जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उसको फौरन सीएचसी से जिला अस्पताल भेजा गया। जिला अस्पताल से चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया है। इसके बाद डकैत कमलापुर इलाके के प्रताप बेहड़ गांव पहुंचे। डकैतों ने देवेंद्र के घर धावा बोल दिया।
डकैत घर में घुसे थे, तभी देवेंद्र की पत्नी सुनीता की आंख खुल गई। उसने पति देवेंद्र को आवाज दी। देवेंद्र व उसकी पत्नी ने शोर मचाया तो डकैत वहां से भागने लगे। शोर सुनकर पड़ोसी कुलदीप जाग गया। वह शोर सुनकर अपने घर के बाहर आ गया। इस बीच डकैत देवेंद्र के घर से भाग रहे थे।
आगे रास्ते में कुलदीप को देखकर डकैतों ने उसको गोली मार दी। इस दौरान अन्य ग्रामीणों ने ललकार कर घेराबंदी कर ली। खुद को फंसता देखकर डकैतों ने कई राउंड फायरिंग की और दहशत फैलाकर भाग निकले। गोली से जख्मी कुलदीप को सीएचसी में भर्ती कराया गया। डकैत लूटपाट नहीं कर पाए।
खबर पाकर सीओ सिधौली अंकित कुमार, इंस्पेक्टर कमलापुर आरबी सुमन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने जांच की है। एसओ आरबी सुमन का कहना है कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी। अभी तक तहरीर नहीं मिली है।
सूचना पर भी अलर्ट न हो सकी पुलिस
कमलापुर इलाके में रात को एक के बाद एक तीन गांवों में डकैतों का धावा पुलिस की लापरवाही उजागर कर रही है। डकैतों ने आसपास ही तीन स्थानों पर वारदात की और जब सफल नहीं हुए तो फायरिंग की, जिससे दो लोग घायल हुए। लोगों का कहना है कि किशुन खेड़ा में सबसे पहले डकैतों ने धावा बोला।
इसकी जानकारी लोगों ने पुलिस को दी। लेकिन पुलिस की सक्रियता नहीं दिखी। अगर तभी पुलिस अलर्ट हो जाती तो शायद पड़ोस के अन्य गांवों में डकैत न घुस पाते।