देसी बीजों का विदेशी विद्यार्थियों को निश्शुल्क वितरण करते श्वेतांक।
- फोटो : देसी बीजों का विदेशी विद्यार्थियों को निश्शुल्क वितरण करते श्वेतांक।
सीतापुर। जिले के प्रगतिशील किसान के देशी गांजरी बीजों की खेती अब विदेशी धरती पर भी लहलहाएगी। रेउसा ब्लॉक के आर्गेनिक विलेज सिकौहा निवासी प्रगतिशील किसान श्वेतांक त्रिपाठी ने विदेशी छात्रों को उनके मुल्क में उगाने के लिए निशुल्क देशी बीजों का वितरण किया है। खास बात यह है कि इन देशी बीजों को श्वेतांक ने खुद ही संरक्षित किया है। शुक्रवार को उन्होंने लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स ड्राइवेन स्मार्ट एग्रीकल्चर फॉर विकसित भारत कार्यक्रम में विदेशी छात्रों को इसकी खेती के गुर सिखाए। श्वेतांक के अनुसार छह देशों के विद्यार्थियों को देसी बीज दिए हैं। इससे वह अपने मुल्क में इसकी खेती करेंगे। इसके लिए कुलाधिपति ने उन्हें सम्मानित भी किया।
इस कार्यक्रम में श्वेतांक त्रिपाठी ने सोना मोती गेहूं, बिना छिलके का जौ, पीला मसूर, किरैया, अगसा, गोल मिर्चा, धनिया, बाकला, अलसी आदि एक मुट्ठी देसी बीज 150 लोगों को निशुल्क वितरित किए। देसी बीज नाइजीरिया, उजबेकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका, जापान, भूटान और इंडोनेशिया के छात्रों, उनके दोस्तों और अभिभावकों को दिए गए। वह अपने देश में इसकी खेती कर सकेंगे। इंटीग्रल विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने श्वेतांक त्रिपाठी को परंपरागत बीज संरक्षण व गो आधारित जैविक खेती का प्रसार करने के लिए अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
राष्ट्रीय एफपीओ फेडरेशन ने भी किया सम्मानित
नई दिल्ली की माही राष्ट्रीय एफपीओ फेडरेशन से संबद्ध राज्य स्तरीय एफपीओ लोक समृद्ध किसान उत्पादक ने भी श्वेतांक त्रिपाठी को सम्मानित किया। इस दौरान श्वेतांक ने कई जिलों से पहुंचे किसानों को देसी बीज निशुल्क दिये। इस पर उन्हें फेडरेशन के निदेशक व कार्यक्रम संयोजक संतोष सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।