1000 व 500 रुपये बंद होने का असर अब दिखने लगा है। शनिवार को बंदी के बावजूद बैंक खुले लेकिन भीड़ के चलते अव्यवस्था फैल गई। नोट बदलने के लिए लोग परेशान दिखे। हालात इस कदर खराब थे कि बैंकों के बाहर सुबह 7 बजे से ही लाइन लग गई थी। वहीं एटीएम भी दगा दे गए।
महज 30 एटीएम से ही कैश निकला और कुछ देर बाद उसमें भी कैश खत्म हो गया। इससे बैंकों में दोपहर को बोझ बढ़ गया। इससे कई बैंकों के खजाने भी खाली हो गए। जिम्मेदारों का कहना है कि व्यवस्था दुरुस्त होने में दो दिन का वक्त लग सकता है।
शनिवार को गुरुवार की अपेक्षा 3 करोड़ रुपये कम भुगतान हुआ और छह करोड़ रुपये निकाले गए। जिले में बैंकों की करीब 325 छोटी व बड़ी शाखाएं हैं। जबकि 102 एटीएम हैं। पर शनिवार को जिले में महज 30 एटीएम ही चल सके। इस वजह से आपाधापी का माहौल रहा।
कैश की कमी से बैंकों में उमड़ी भीड़ को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार को भी लोग सुबह से जिले की विभिन्न शाखाओं में पहुंच गए थे। दस बजे के बाद बैंक शाखाएं खुलीं तो एकाएक भीड़ बढ़ गई। जिला मुख्यालय पर एचडीएफसी का मंदिर के निकट का एटीएम व चुंगी चौकी पर एक्सिस बैंक का एटीएम चल रहा था।
इसकी सुगबुगाहट होते ही बैंकों में जमा भीड़ एटीएम की ओर दौड़ पड़ी। चंद मिनटों में ही यहां कैश खत्म हो गया। इसके बाद लोग फिर से बैंकों की ओर भागे। जिले में स्टेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, एक्सिस बैंक समेत कई प्रमुख बैंकों में कैश किल्लत रही। कैश खत्म होने पर लोगों को घंटों लाइन में खड़े होकर इंतजार करना पड़ा।
शनिवार को महज एक अरब रुपये ही बैंक शाखाओं में जमा हो सके। जबकि 6 करोड़ के करीब रुपये बदले व निकाले गए। शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को 10 करोड़ रुपये कम जमा हुए। वहीं 3 करोड़ कम का भुगतान किया गया। बैंक के अधिकारी व्यवस्था को दुरुस्त होने में एक से दो दिन का वक्त और लगने की बात कह रहे हैं।