स्थान: फिजिशियन ओपीडी, चिकित्सक डॉॅ. अरशद जमाल
समय : 11.55 बजे
जिला अस्पताल के डॉ. अरशद जमाल की ओपीडी में काफी अधिक भीड़ थीं। तमाम मरीज बाहर लाइन में खड़े हुए थे। लाइन में लगे रमेश ने बताया डेढ़ घंटे बाद भी नंबर नहीं आया है। चिकित्सक अपनी कुर्सी से गायब थे। एक जूनियर डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। हर्ष ने बताया कि अरशद जमाल बहुत ही कम ओपीडी में मिलते है। सुबह आए थे तबसे उनका इंतजार कर रहे हैं।
स्थान: फिजिशियन ओपीडी, चिकित्सक डॉॅ. रचना गौड़
समय: 12.10 बजे
फिजिशियन डॉ. रचना गौड़ के इंतजार में करीब 15 मरीज लाइन में लगे थे। इनकी कुर्सी खाली पड़ी थी। इमलिया सुल्तानपुर से आए इंद्रपाल ने बताया कि एक बार दवाई ले गए थे। इससे काफी फायदा हुआ था। आज डॉक्टर साहब को दिखाने आए हैं, लेकिन वह नहीं मिल रही है। उदित ने बताया दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं। जब जानकारी करते हैं तो बताया जाता है कि वह अस्पताल में राउंड पर हैं। कई मरीज तो देरी के चलते दूसरे चिकित्सकों के पास चले गए।
स्थान: पैथोलॉजी का अल्ट्रासाउंड कक्ष
समय : 12.20 बजे
पैथोलॉजी भवन के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी थीं। अल्ट्रासाउंड कक्ष में 12 बजे तक मरीजों की जांच हुई। इसके बाद चिकित्सक डॉ. इंदर सिंह उठकर चले गए। औरंगाबाद से आई रिंकी ने बताया सुबह आई थी, लेकिन अभी तक नंबर नहीं आया है। अब तो डॉक्टर उठकर चले गए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मरीजों का अल्ट्रासाउंड बिना नंबर के ही हो गया।
सीतापुर। ठंड बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ भी बढ़ गई। ओपीडी में लंबी कतारें लग रही हैं। इसके बाद भी इलाज के बेहतर इंतजाम न होने से मरीजों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मरीजों को घंटों लाइन लगानी पड़ रही है। कई मरीज तो इंतजार के बाद भी निराश लौट जा रहे हैं। अमर उजाला ने सोमवार को जिला अस्पताल में पड़ताल की तो स्थिति बेहद खराब नजर आई।
जिला अस्पताल में सोमवार को पैथोलॉजी, ओपीडी, पर्चा काउंटर व दवा काउंटर पर भीड़ ही भीड़ दिखाई दी। ओपीडी का समय तो सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक निर्धारित है, लेकिन इस पूरे समय चिकित्सक ओपीडी में बैठे नहीं दिखे। कहीं जूनियर डॉक्टर बैठे थे तो कहीं पर कुर्सी खाली थी। इससे मरीज दो बजे तक अस्पताल में इलाज पाने के लिए जूझते रहे।
भीड़ की वजह से हुई देरी
सोमवार को मरीजों की काफी अधिक भीड़ थी। इसकी वजह से मरीजों को थोड़ा इंतजार करना पड़ा। चिकित्सक ओपीडी के साथ ही राउंड पर भी रहते हैं। ऐसे में हो सकता है कि कुछ देर के लिए कुर्सी खाली रही हो।
डॉ. इंदर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल