महमूदाबाद (सीतापुर)। महमूदाबाद क्षेत्र में किसान धान की रोपाई के लिए जूझ रहे हैं। उन्हें सिंचाई के लिए समय से पानी नहीं मिल पा रहा है। कुतुबपुर से निकले माइनर में पानी नहीं आ रहा है। इस माइनर से करीब 50 गांवों के किसानों को फायदा मिलता था। ऐसे में वह पंपिंग सेट से महंगी सिंचाई करने को मजबूर हैं।
बिसवां के कुतुबपुर से निकली माइनर करीब 50 से अधिक गांवों से होकर निकली है। इस माइनर व रजबहा में कई वर्षों से पानी न आने पर किसानों को धान व गन्ना की सिंचाई में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 35 से 40 किलोमीटर लंबी माइनर दुघरा, सैर, शंकरपुर, लालापुर, फिरोजपुर, मलनिया, महानगर, कुरौली, भानपुर, बाबूपुर व उनेरा आदि विभिन्न गांवों के किसानों को लाभान्वित करती थी।
लेकिन पानी न आने से करीब 35 हजार किसानों को निजी व किराए के संसाधनों से फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही हैं। इस बार अभी तक बारिश नहीं हुई है। जिसके चलते किसानों की फसलें सूख रही हैं। किसान विनोद वर्मा, भानू वर्मा, बनवारी लाल, मनोज यादव, अनिल वर्मा, सुखकरन लाल व रामखेलावन आदि ने शासन से माइनर में सही समय से पानी छोड़े जाने की मांग की है।
नहर में काफी समय से नहीं छोड़ा गया पानी
सरैंया कादीपुर निवासी किसान प्रदीप वर्मा बताते हैं कि माइनर नहर व रजबहा में काफी समय से पानी नहीं आया है। जिसके चलते पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है। जिसमें डीजल का भी काफी खर्च आ रहा है। ग्राम पहला निवासी किसान वीरेंद्र कुमार बताते हैं कि नहर में पानी न आने से खेती करने में अधिक लागत लग रही है।
डीजल से सिंचाई करनी पड़ रही है। धान सूख रहे है और बारिश भी नहीं हो रही है। ग्राम पहला निवासी किसान अवधेश कुमार बताते हैं कि पानी नहीं गिर रहा है और न ही रजबहा में पानी आ रहा है। ग्राम चतुराबेहड़ निवासी किसान शिवकांत बताते हैं कि सरकारी दावे फेल हो रहे हैं। फसल सूख रही है।