केंद्र सरकार की राष्ट्रीय कृषि फसल बीमा योजना का लाभ आम किसानों को नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते मोदी सरकार ने नई फसल बीमा योजना संचालित करने की तैयारी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मकर संक्रांति या लोहड़ी पर नई फसल बीमा योजना की घोषणा कर सकते हैं।
मोदी सरकार इस नई फसल बीमा योजना का दायरा ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने का मसौदा तैयार कर चुकी है। कृषि विभाग के अफसरों ने बताया मौजूदा समय में संचालित बीमा योजना का लाभ महज 11 से 14 फीसदी किसानों तक ही पहुंच पा रहा है। इनमें भी ज्यादातर बैंक से ऋण लेने वाले किसान हैं।
मोदी सरकार ने नई योजना में 50 फीसदी से ज्यादा किसानों को शामिल करने का लक्ष्य बनाया है। इसके अलावा नई योजना में बीमा प्रीमियम का 95 प्रतिशत हिस्सा केंद्र व राज्य सरकार वहन करेंगी। अनुमान है कि, किसानों को प्रीमियम के रूप में बीमित राशि की डेढ़ से ढाई फीसदी रकम ही देनी होगी।
किसान कृष्ण कुमार का कहना है कि, सरकारें योजनाएं तो बहुत लागू करती हैं। मगर इनका ठीक से संचालन नहीं होता है। लिहाजा, किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। योजना लागू करने के बाद सरकार इसे जमीनी स्तर पर सही ढंग से संचालित कराने को लेकर भी रणनीति तय करे।
किसान ज्ञान प्रकाश सिंह का कहना है कि, नई फसल बीमा योजना मोदी सरकार की ओर से किसानों के हित में अच्छी पहल है। मगर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों व अफसरों को योजना सफल बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। तभी किसान लाभान्वित हो सकेंगे। नहीं तो इसका भी हाल पूर्व से संचालित फसल बीमा योजना के जैसा हो जाएगा।