अपर सत्र न्यायाधीश रामचंद्र ने जाली नोट छापने व उसका कारोबार करने वाले दो लोगों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता दिनेश सिंह चौहान ने की।
लहरपुर थानाक्षेत्र के कस्बा स्थित मोहल्ला पुरबिया टोला ने पुलिस ने बीती एक अगस्त 2004 को एक मकान में जाली नोट का कारखाना होने की शिकायत पर छापेमारी की गई थी। छापे में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
इस मामले में मौके से पेट्रोमेक्स की रोशनी में नोट की कटाई-छटाई करने के साथ 100 व 50 के कुछ नोटों की गड्डियां, पतले कागज, पांच छोटे-बड़े पेंचकस, सऊदी अरब के दो नोट दस रियाल व दो नोट पांच रियाल के तथा कुछ नेपाली नोट भी बरामद किए थे।
मौके पर ही कुछ इंक की शीशियां तथा कुछ असली नोट भी मिले थे। पुलिस ने मौके से महमूदुल हसन व मो. वकील को गिरफ्तार किया गया था। जबकि दो आरोपी मेराज व जहूरुल मौके से भागने में कामयाब रहे थे।
इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया था। प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने सिर्फ दो आरोपियों महमूदुल व मो. वकील को ही मामले का दोषी करार दिया। कोर्ट ने दोनों दोषियों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।