खैराबाद थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में गुरुवार रात एक घर पर डकैतों ने धावा बोल दिया। डकैतों ने विरोध करने पर गृहस्वामी के चचेरे भाई को गोली मार दी। इस पर ग्रामीणों ने घेराबंदी की तो डकैत बिना कुछ लूटे ही भागने लगे। एक बुजुर्ग ने पकड़ने का प्रयास किया तो डकैत उसे भी गोली मारकर भाग गए। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खैराबाद थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव निवासी रमेश कुमार व उसका चचेरा भाई वीरेंद्र कुमार (35) पुत्र बिहारीलाल एक ही घर में रहते हैं। बुधवार रात रमेश अपनी पत्नी का इलाज कराने जिला मुख्यालय गया था। वीरेंद्र व परिवार के अन्य लोग लोग घर में थे। रात करीब बारह बजे डकैत घर में घुस गए और अलमारी आदि तोड़ने लगे। इस पर वीरेंद्र की नींद खुल गई। उसने एक डकैत को पकड़ लिया और शोर मचाने लगा।
इस पर दूसरे डकैत ने वीरेंद्र को गोली मार दी। फायरिंग की आवाज से गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीण शोर मचाते हुए वीरेंद्र के घर की ओर दौड़े तो डकैत बिना लूटपाट किए ही भागने लगे। गांव के ही बुजुर्ग संतोष (60) ने पकड़ने की कोशिश की तो डकैत उसे भी गोली मारकर भाग गए।
ग्रामीणों के मुताबिक तीन बदमाश रमेश के घर में घुस थे और कई बाहर निगरानी कर रहे थे। ग्रामीणों ने थाने में सूचना दी तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल भेजा। पुलिस ने घटनास्थल से .315 बोर का एक कारतूस व एक खोखा, एक मफलर बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में केस दर्ज किया जा रहा है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।