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ट्रिपल मर्डर का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्त में

Tue, 20 Jun 2017 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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murder
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सीतापुर शहर के सिविल लाइंस इलाके में छह जून को हुए ट्रिपल मर्डर मामले का पुलिस ने मंगलवार को खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने वारदात में शामिल शातिर बदमाश शरीफ को गिरफ्तार कर उसके पास से एक तमंचा, चार कारतूस, 61 हजार रुपये, चाभियां व व्यापारी के की दुकान से जुड़े कई अभिलेख बरामद किए हैं।
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लूट में इस्तेमाल बाइक भी मिली है। डीएम सारिका मोहन व एसपी मृगेंद्र सिंह ने पुलिस लाइन में शातिर शरीफ को पेश कर वारदात की कई कड़ियां सुलझाने का प्रयास किया।

एसपी के मुताबिक वारदात चार बदमाशों ने अंजाम दी थी। तीन हत्या आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस सर्विलांस के जरिए कुछ संदिग्ध नंबरों को ट्रैस कर अपराधियों तक पहुंचने का दावा कर रही है। 
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दाल व्यापारी सुनील जायसवाल, उनकी पत्नी कामिनी व बेटे ऋतिक की छह जून को मंगलवार देर शाम लूटपाट के बाद घर के सामने ही गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। शहर में ट्रिपल मर्डर से सनसनी फैल गई थी।

वारदात की रात को ही एडीजी, आईजी मौके पर पहुंच गए थे। वहीं एसपी मृगेंद्र सिंह ने कोतवाली, पुलिस, क्राइम ब्रांच, बिसवां, खैराबाद व रेउसा पुलिस को खुलासे के लिए लगाया था।

हाई प्रोफाइल मामले के जल्द खुलासे के लिए एसटीएफ भी लगाई गई थी। एसपी ने बताया कि पुलिस को व्यापारी के घर में लगे सीसीटीवी फुटेज से जब कोई सफलता नहीं मिली तो घटनास्थल से लेकर व्यापारी की दुकान के आसपास के टॉवरों से वारदात के दिन एक्टिवेट रहे मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकाली। जिसमें से कुछ नंबर ऐसे मिले, जिन पर कई बार बात हुई थी।

ऐसे संदिग्ध नंबरों को पुलिस ने सर्विलांस पर लगाया। सर्विलांस के जरिये पुलिस ने मुख्य आरोपी लहरपुर के किशुनपुर निवासी व हाल-पता कांशीराम कॉलोनी रामकोट निवासी शरीफ पुत्र गनी को दबोच लिया।

पूछताछ में उसने वारदात में हाथ होने की बात कबूल ली है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर लूटी गई रकम में से 61 हजार रुपये, घटना में प्रयुक्त बाइक, तमंचा, चार कारतूस, व्यापारी की दुकान की चाभियां व दुकान के कई दस्तावेज आदि बरामद किए हैं।

पूछताछ में आरोपी ने अपने तीन अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। एसपी ने बताया कि आरोपी शरीफ सीतापुर के अलावा दिल्ली, कोलकाता, भोपाल, उत्तराखंड में भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ सीतापुर, लखीमपुर व हरदोई जिले में करीब नौ मुकदमे दर्ज हैं। 
 
‘अमर उजाला’ ने पहले ही कर दी थी लूटी रकम की पुष्टि
शहर के सिविल लाइंस के दाल व्यापारी की हत्या के बाद बदमाश चार लाख रुपये लूट ले गए थे। ‘अमर उजाला’ ने 18 जून के अंक में ही इसका खुलासा कर दिया था। मंगलवार को घटना के 15वें दिन पुलिस ने घटना का खुलासा किया।

जिसमें भी पुलिस चार लाख कैश होने की बात कह रही है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए अपराधी को भी बंटवारे में एक लाख रुपये मिला था, जिसमें से उसने कुछ रकम खर्च कर दी। बाकी के तीन लाख रुपये तीन बदमाशों में बराबर बराबर बांट दिए गए।
 
सर्विलांस बना पुलिस का हथियार
राजफाश में एक बार फिर पुलिस के लिए सर्विलांस सिस्टम अचूक साबित हुआ। सर्विलांस के सहारे ही पुलिस अपराधियों तक पहुंची। एसपी मृगेंद्र सिंह का कहना है कि घटना पूरी तरह ब्लाइंड थी।

सीसीटीवी फुटेज से कोई मदद नहीं मिल रही थी। जिसके बाद पुलिस ने सर्विलांस का सहारा लिया। एसपी ने बताया कि घटना के दिन से लेकर पिछले कुछ अर्से तक घटनास्थल व व्यापारी की दुकान के आसपास की कॉल डिटेल निकाली गईं थीं। उस कॉल डिटेल में कुछ संदिग्ध नंबर ट्रैस किए गए। उन नंबरों को लिस्टेड कर उन पर लगातार नजर रखी गई। उनसे हुई बातचीत के आधार पर कुछ संदिग्ध लोग चिह्नित हुए। उन नंबरों को ट्रैस कर शरीफ को दबोचा गया। 

स्थान बदलते ही चेंज कर देते थे सिमकार्ड
पुलिस का दावा है कि पकड़ा गया बदमाश व उसके साथी पहले तो अपने मोबाइल से बात करते रहे, लेकिन जब उन्हें शक हुआ कि पुलिस उन तक पहुंचने वाली तो बदमाश अपना ठिकाना बदलने के साथ ही सिमकार्ड व मोबाइल भी बदल देते थे।

फर्जी आईडी के सहारे इन लोगों ने एक निजी कंपनी के सिमकार्डों का इस्तेमाल किया, लेकिन जिन लोगों से यह बात करते थे, उनके नंबर पुराने रहने के कारण पुलिस ने इन्हें दोबारा ट्रैस कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी शरीफ को दबोच लिया।
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