पुलिस ने बाइक चोरों के एक गिरोह के के तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उनके पास से चोरी की 7 बाइकें भी बरामद की गई हैं। एक आरोपी के पास से अवैध तमंचा भी बरामद किया गया है। तीनों आरोपियों को जेल भेजा गया। उपनिरीक्षक राहुल शर्मा व कैलाश यादव ने पुलिस टीम के साथ रविवार की रात कस्बे में रेउसा मार्ग पर सूरेपारा गांव के निकट नाकेबंदी की।
इसी बीच पुलिस टीम ने तीन अलग अलग बाइकों पर सवार होकर जा रहे कस्बे के मोहल्ला गोडिय़न पुरवा निवासी देशराज, नरियन टोला निवासी तारिक व ग्राम गोंधिया निवासी सलाहू को रोका और जांच पड़ताल की। पता चला कि तीनों बाइकें चोरी की हैं। पकड़े गए तीनों लोग शातिर वाहन चोर हैं। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो चोरी की चार अन्य बाइकें भी बरामद हुई हैं।
उपनिरीक्षक राहुल शर्मा ने बताया कि बरामद बाइकें लहरपुर, तंबौर व रेउसा कस्बों से उठाई गई थीं। बाइकों पर फर्जी नंबर डालकर उन्हें बेचने का प्रयास किया जा रहा था। इससे पहले कि ये लोग बाइकों को बेचते, पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पुलिस ने देशराज के पास से एक अवैध तमंचा मय कारतूस के बरामद किया है। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। पुलिस टीम में उमानाथ, जुनैद अहमद, नसीर आदि पुलिसकर्मी शामिल हैं।
थानाध्यक्ष अनिल पांडेय ने बताया कि ये ऑटोलिफ्टर गैंग बाइक चुराने के बाद उन्हें कौडिय़ों के दाम बेच देता था। उन्होंने बताया कि चोरी की बाइकों को यह गैंग 10 से 15 हजार रुपये की कीमत लेकर बेचता था। यदि कोई लेने को नहीं तैयार होता था, तब बाइकों को कबाड़ में भी बेच दिया जाता था।