देरी से स्कूल पहुंचने से गुस्साए शिक्षक ने महिला शिक्षामित्र को धक्का दे दिया। इससे वह स्कूल की दीवार से टकराकर बेहोश हो गई। शिक्षामित्र को बेहोश देख शिक्षक के हाथ-पांव फूल गए और वह स्कूल छोड़कर भाग निकला।
तकरीबन डेढ़ घंटे तक शिक्षामित्र स्कूल में ही पड़ी रही, हालांकि बाद रसोइयों ने फोन पर उसके परिवारीजनों को सूचना दी। आननफानन परिवारीजन उसे सीएचसी बिसवां से जिला अस्पताल ले गए।
उधर, घटना की जानकारी पाकर जिला अस्पताल पहुंचे शिक्षामित्रों ने आरोपी शिक्षक पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर हंगामा किया।
मौके पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट, बीएसए व सीओ सिटी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर किसी तरह शांत कराया। शिक्षामित्र की हालत अब सामान्य है। मामला बिसवां विकासखंड का है। बीएसए ने आरोपी शिक्ष्ाक को निलंबित कर दिया है।
प्राथमिक विद्यालय गोधनी सरैंया में कन्याकुमारी शिक्षामित्र हैं। कन्याकुमारी का कहना है कि कई दिनों से बुखार आ रहा था। इसी वजह से गुरुवार को आधा घंटा देर से सुबह 8.30 बजे स्कूल पहुंची। स्कूल पहुंचते ही प्रधानाध्यापक खलील अहमद आग बबूला हो गए।
बिना कुछ सुने डांटने लगे। कहने लगे आपकी हाईकोर्ट ने नियुक्ति रद्द कर दी है। आप घर पर बैठिए स्कूल मत आइए। आरोप है कि डांटने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने जोर से धक्का दे दिया, जिससे पड़ोस की दीवार से टकराकर मैं बेहोश हो गईं।
उधर, शिक्षामित्र के बेहोश होते ही शिक्षक घबराकर स्कूल छोड़ भाग निकले। टीचर को बेहोश देख बच्चे भी सहम गए। रसोइयां से सूचना पाकर मौके पर पहुंचे पति ने बिसवां सीएचसी में दिखाया। इसके बाद उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा।
इस दौरान पूरे जिले में यह खबर फैल गई। सैकड़ों शिक्षामित्र जिला अस्पताल पर जमा हो गए और हंगामा करने लगे। इस पर सिटी मजिस्ट्रेट बीएन यादव, सीओ सिटी राहुल मिठास, बीएसए संजीव सिंह व भारी पुलिस बल पहुंचा। अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।