रेउसा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। जहां पर शनिवार की रात हाड़ कंपाऊ ठंड में एक नवजात बच्ची कूड़े के ढेर में दबी पाई गई। उसका केवल सिर बाहर था शेष शरीर कूड़े के ढेर में दबा हुआ था। बच्ची का रोना सुनकर समय रहते ग्रामीणों ने उसे निकाल कर अपना लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। इसके बाद उसे सीएचसी में भर्ती किया गया है। माना जा रहा है कि लोकलाज बस किसी मां ने या बालिका के प्रति तिरस्कार की भावना रखने वालों ने ऐसा घिनौना काम किया है।
मामला थाना क्षेत्र के गुरगुचपुर गांव का है। शनिवार रात गांव के लोग घरों में सो रहे थे।
इसी बीच रात में गांव निवासी दीपक के घर के पास लगे कूड़े के ढेर से किसी बच्चे की रोने की आवाज आने लगी। आवाज सुनकर दीपक की नींद टूट गई। वह टार्च लेकर कूड़े के ढेर के पास पहुंचा तो वहां कूड़े के ढेर में उसे एक नवजात का सिर दिखाई पड़ा। बाकी का अंग कूड़े के ढेर में दबा हुआ था। उसने आनन फानन कूड़ा हटाकर उसे बाहर निकाला और अपनी बूढ़ी मां श्यामपति को आवाज लगाई।
मौके पर पहुंची श्यामपती ने बच्ची को गोद में लेकर गर्म पानी से बच्ची का शरीर साफ किया और उसे गर्म बिस्तर में पहुंचाया। खबर फैलते ही गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंच गए। गांव में किसी को जानकारी नहीं थी कि नवजात बच्ची किसकी है। श्यामपती ने बताया कि नवजात बच्ची है जिसका जन्म शनिवार रात में ही होना प्रतीत हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि किसी परिवार ने बालिका के प्रति तिरस्कार की भावना से ग्रसित होकर ऐसा घिनौना काम किया है। सूचना मिलने के बाद रेउसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टरों की टीम गांव पहुंची और बालिका का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉ. अनूप पांडेय ने बताया कि बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है, वजन कम है, बच्ची का जन्म रात्रि के वक्त ही होना प्रतीत हो रहा है।